Thursday, June 20, 2024
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करोड़पति टीचर: कभी ₹3500 पाने वाला संविदा शिक्षक निकला 27 कॉलेजों समेत करोड़ों की संपत्ति का मालिक


मध्यप्रदेश का एक संविदा शिक्षक अचानक से चर्चा में आ गया है। एक संविदा शिक्षक की भला कितनी तनख्वाह हो सकती है लेकिन ये शिक्षक 27 कॉलेजों का मालिक पाया गया है। EOW की छापेमारी में इस शिक्षक का असली रंग जब सामने आया तो उसने सबको हैरान कर दिया।

हम यहां बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश, ग्वालियर के एक संविदा शिक्षक प्रशांत सिंह परमार की। प्रशांत ने साल 2006 में संविदा शिक्षक की नौकरी ज्वाइन की थी। उस समय इनका वेतन 3500 रुपए महीना था। अब मात्र 15 साल में प्रशांत 27 कॉलेजों का मालिक बन गए हैं। शनिवार को प्रशांत के एक दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी करने के बाद EOW के सामने जो सच्चाई आई उसने सभी को चौंका दिया।

राजस्थान के रहने वाले प्रशांत ने साल 2006 में मात्र 3500 रुपये महीने पर संविदा शिक्षक के रूप में नौकरी शुरू की थी लेकिन आज जब EOW ने जांच की तो पाया कि प्रशांत 27 कॉलेज, 4 दफ्तर, 2 मकान, जमीन, बैंक एकाउंट और लॉकर्स का मालिक है।



कई ठिकानों पर हुई छापेमारी

संविदा शिक्षक प्रशांत परमार पर रेड मारने के बाद EOW के हाथ बड़ी सफलता लगी है। EOW को प्रशांत की आय से अधिक संपत्ति के बारे में एक खुफिया जानकारी मिली थी। जिसके बाद EOW ने इस मामले की जांच की और प्रशांत के सत्यम टावर स्तिथ घर के साथ-साथ कई ठिकानों पर छापेमारी कर दी। जिसके बाद प्रशांत के पास से EOW को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।

बता दें कि कभी 3500 रुपये महीने से अपने करियर की शुरुआत करने वाला प्रशांत परमार आज 24 D.ed, 3 B.ed कॉलेज, और 3 नर्सिंग कॉलेज सहित 27 कॉलेजों का मालिक है। इसके आलाव ग्वालियर में प्रशांत के 2 मकान और चार दफ्तर होने की जानकारी के साथ जमींन, बैंक एकाउंट्स और लॉकर भी हैं।

EOW की कार्यवाही अभी भी जारी है। अधिकारियों की मानें तो पूरी जांच के बाद 10 करोड़ से अधिक की सम्पत्ति का खुलासा हो सकता है। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि प्रशांत राजनीतिक गलियारे में प्रवेश करने की तैयारी में था। वह अगले साल राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ने का मन बना रहा था।

झारखंड तक फैला नेटवर्क

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजस्थान के बाड़ी का रहने वाले प्रशांत का नेटवर्क झारखंड तक फैला हुआ है। प्रशांत के ठिकानों पर छापेमारी करने के दौरान EOW को कई सरकारी दफ्तरों और अधिकारियों की स्टैम्प सील मिली है। सम्भवना जताई जा रही है कि आरोपी सहायक शिक्षक प्रशांत परमार इन फर्जी स्टाम्प सील के जरिये अपने काला बाजारी का जाल और बड़ा कर रहा था।
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