Saturday, June 15, 2024
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ज्ञानवापी UPDATE: सुप्रीम कोर्ट ने कहा ‘शिवलिंग’ वाली जगह रहेगी सील, मस्जिद में नमाज़ भी जारी रहेगी, कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा हटाए गए



नई दिल्ली, 17 मई: सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मामले पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को आदेश दिया है कि मस्जिद परिसर में जिस जगह ‘शिवलिंग’ मिलने की बात कही जा रही है, उस जगह को सुरक्षित रखा जाए साथ ही अदालत ने कहा कि मुस्लिम पक्ष के वहाँ नमाज़ पढ़ने पर कोई रोक नहीं होगी। अदालत ने इस मामले पर सुनवाई की अगली तारीख गुरुवार तय की है।

आपको बता दें कि निचली अदालत में ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर चल रही कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई रोक नहीं लगाई है। मुस्लिम पक्ष की ओर से ये मांग की गई थी कि ज्ञानवापी मस्जिद में यथास्थिति बरकरार रखी जाए।
सोमवार को वाराणसी की एक अदालत ने ज़िला प्रशासन को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की उस जगह को सील करने का आदेश दिया था जहाँ सर्वे करने वाली टीम को ‘कथित शिवलिंग’ मिला था।
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और पीएस नरसिम्हा की खंडपीठ के सामने अंजुमन इंतेज़ामिया मसाजिद की प्रबंध कमेटी जो की ज्ञानवापी मस्जिद की देखरेख करती है की याचिका पर सुनवाई हुई।

शुक्रवार को चीफ़ जस्टिस एनवी रमन्ना वाली बेंच ने मुस्लिम पक्ष की याचिका पर ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में चल रहे सर्वे के ख़िलाफ़ यथास्थिति बनाए रखने के लिए कोई अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार कर दिया था। बाद में बेंच ने अपने लिखित आदेश में इस मामले पर जस्टिस चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली बेंच को सुनवाई के लिए कहा था।
बेंच ने कहा, “याचिकाकर्ता की तरफ़ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील हुज़ेफ़ा अहमदी की बात सुनने के बाद हमारा ये मानना है कि इस मामले पर अदालत की रजिस्ट्री को जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली बेंच के सामने सुनवाई के लिए इस केस को लिस्ट करने का निर्देश दिया जाए।”
अंजुमन इंतेज़ामिया मस्जिद की प्रबंध कमेटी का पक्ष रख रहे हुज़ेफ़ा अहमदी ने बेंच से कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद में चल रहे सर्वे कार्य के ख़िलाफ़ याचिका दायर की गई है और उन्होंने इस मामले में अदालत से अंतरिम आदेश जारी किए जाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे कराए जाने के आदेश के ख़िलाफ़ हमने एक याचिका दायर की है। ये जगह पुराने समय से मस्जिद रही है और धार्मिक उपासना स्थल क़ानून के तहत भी इस तरह की किसी कार्रवाई पर पूरी तरह से रोक है।
मुस्लिम पक्ष की ओर से प्लेस ऑफ़ वरशिप (स्पेशल प्रोविजंस) ऐक्ट, 1991 और इसके सेक्शन चार का हवाला दिया गया है। ये प्रावधान 15 अगस्त, 1947 को मौजूद किसी भी उपासना स्थल के धार्मिक चरित्र में किसी तरह के बदलाव के लिए कोई मुक़दमा दायर करने या किसी किस्म की क़ानूनी प्रक्रिया शुरू करने पर रोक लगाता है।
बेंच ने कहा कि हम नोटिस जारी कर रहे हैं। हम निचली अदालत को निर्देश देना चाहते हैं कि जहां शिवलिंग मिला है, उस जगह को सुरक्षित रखा जाए। लेकिन लोगों को नमाज़ से न रोका जाए।
कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा हटाए गए

कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा को हटा दिया गया है। दावा किया जा रहा है कि अजय मिश्रा के सहयोगी आरपी सिंह मीडिया में जानकारी लीक कर रहे थे। इसके अलावा मुस्लिम पक्ष ने भी अजय मिश्रा को हटाए जाने की मांग की थी। वहीं, अजय प्रताप सिंह और विशाल सिंह सर्वे टीम का हिस्सा बने रहेंगे। अब विशाल सिंह कोर्ट में रिपोर्ट जमा करेंगे।
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