बिहार कांग्रेस के भीतर असंतोष पार्टी की चुनाव-पश्चात पहली समीक्षा बैठक में तेज़ी से उभरकर सामने आया, जहाँ कई उम्मीदवारों ने टिकट आवंटन में खामियों, टिकटों की बिक्री और सहयोगियों के बीच ‘दोस्ताना लड़ाई’ को हालिया विधानसभा चुनावों में अपमानजनक हार का मुख्य कारण बताया। पार्टी मुख्यालय में बंद कमरे में हुई इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी शामिल हुए। इस बैठक में कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम भी थे।
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बिहार में मिली शर्मनाक हार का आकलन करने के लिए आयोजित पार्टी की समीक्षा बैठक के दौरान बिहार कांग्रेस के दो नेताओं के बीच तीखी बहस छिड़ गई। एक नेता ने कथित तौर पर दूसरे नेता को गोली मार दूंगा कहकर धमकाया। रिपोर्टों के अनुसार, बिहार में हार की समीक्षा के लिए आयोजित कांग्रेस की बैठक के दौरान इंजीनियर संजीव और पूर्णिया से उम्मीदवार जितेंद्र कुमार के बीच बहस हुई। लेकिन यह बहस गालियों तक ही सीमित नहीं रही और इंजीनियर संजीव ने जितेंद्र कुमार को गोली मार दूंगा कहकर धमकाया।
खबरों के मुताबिक, इंजीनियर संजीव ने बाहरी लोगों को टिकट देने का मुद्दा उठाया, जिस पर जितेंद्र कुमार ने आपत्ति जताई। इस पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई और संजीव ने उन्हें गोली मारने की धमकी दी। ये खबर मीडिया में खूब चल रही है। हालांकि, प्रभासाक्षी इसकी पुष्टि नहीं कतरता है। बैठक के दौरान कांग्रेस के एक उम्मीदवार और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के एक समर्थक नेता के बीच पर कहासुनी की भी खबर है, हालांकि पप्पू यादव ने इसे ‘झूठ’ बताया है।
कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि बैठक के दौरान सभी ने अपने विचार व्यक्त किए और इस बात पर सहमति जताई कि टिकट वितरण में विवाद हुआ था, लेकिन अगर संख्या की जाँच करें तो विवादास्पद टिकटों की संख्या गैर-विवादास्पद टिकटों से कम थी। अल्लावरु ने बैठक के दौरान हुई हाथापाई और ‘गोली मार दूंगा’ की धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह वहाँ मौजूद नहीं थे।
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बैठक के बाद अररिया से कांग्रेस के विधायक आबिदुर रहमान ने कहा, ‘‘हार के कई कारण थे। पहला कारण है कि आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए 10-10 हजार रुपये दिए गए। गठबंधन में सीट बंटवारा सही समय पर नहीं हो सका। 10-11 सीटों पर दोस्ताना मुकाबला हुआ, जिससे जनता में अलग संदेश गया।’’ उनका कहना था कि समय पर सीट बंटवारा नहीं होने से नुकसान हुआ। रहमान ने असदुद्दीन ओवैसी और भाजपा का उल्लेख करते हुए दावा किया कि धार्मिक और जातीय उन्माद फैलाए जाने का असर हुआ।

