तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को कहा कि राज्य चक्रवात दित्वा के लिए पूरी तरह तैयार है और भारी बारिश की आशंका वाले जिलों में 16 एसडीआरएफ और 12 एनडीआरएफ टीमें तैनात की गई हैं। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों से प्रभावी समन्वय स्थापित करने का आग्रह किया और जनता से चक्रवात दित्वा के दौरान मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने, घरों के अंदर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने का अनुरोध किया। पोस्ट में लिखा सभी विभागों को समन्वय करना चाहिए और उचित योजना के साथ कार्य करना चाहिए, जिसे जिला कलेक्टरों को सुनिश्चित करना चाहिए! मैं आम जनता से अनुरोध करता हूं कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें, अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
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चक्रवाती तूफान ‘डिटवा’ के दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी से होते हुए उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और उससे सटे दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों के पास 30 नवंबर की सुबह तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने बुलेटिन में कहा कि चक्रवाती तूफ़ान शुक्रवार को कराईकल से 320 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व, पुडुचेरी से 430 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और चेन्नई से 530 किलोमीटर दक्षिण में पहुंचा। इस तूफान के श्रीलंका तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से होते हुए उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ते रहने तथा उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और उससे सटे दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों तक पहुंचने की प्रबल संभावना है। चक्रवात के तमिलनाडु तट के समानांतर आगे बढ़ने की संभावना है। कावेरी डेल्टा के जिलों और तटीय इलाकों में बारिश की आशंका को देखते हुए सरकार ने जिलाधिकारियों को सतर्क रहने तथा उचित बचाव एवं राहत उपाय शुरू करने की सलाह दी है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।

