नूंह जिले के बिस्सर अकबरपुर गांव में एक विवादित जमीन से चिता के लिए लकड़ी इकट्ठा करने को लेकर दो समूहों के बीच हुई झड़प में एक ही परिवार के करीब आठ लोग घायल हो गए। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि झड़प के दौरान कथित तौर पर लाठी-डंडे और गोलियां भी चलीं।
मोहम्मदपुर अहिर थाने में 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बिस्सर अकबरपुर गांव के निवासी राजा की शिकायत के मुताबिक, वह अपने रिश्तेदार धर्मबीर का मंगलवार सुबह निधन होने के बाद चिता जलाने के लिए लकड़ी लेने के मकसद से अपने भाई उदल और बेटे दीपांशु के साथ पंचायत की जमीन पर गए थे।
इस बीच, प्रतिद्वंद्वी समूह से सुखबीर, रामदेव, रामकिशन, सतबीर, प्रवीण, पवन, नवीन, प्रशांत और प्रियांशु मोटरसाइकिल, स्कूटर और कार में सवार होकर आए। उनके पास कथित तौर पर बंदूक, चाकू, डंडे और लोहे की रॉड थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, रामदेव ने पीड़ितों को अपशब्द बोले और कहा, ‘‘यह ज़मीन हमारी है, हम तुम्हें यहां से लकड़ी नहीं लेने देंगे। ट्रैक्टर हटाओ वरना हम तुम्हें गोली मार देंगे।’’
राजा ने शिकायत में कहा, जब हमने कहा कि हम दशकों से इस जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो वे भड़क गए और मारपीट शुरू कर दी। सतबीर ने उदल के सिर पर डंडे से वार किया, जिसके बाद वह जमीन पर पड़ा और फिर सभी ने मिलकर उसे लाठियों से पीटा।
शिकायत में कहा गया है, उदल को बचाने आए उसके भतीजे रोहित पर रामदेव ने गोली चला दी, जिससे उसके हाथ में चोट लग गई। सोनू को भी गोली लगी। नवीन ने अभिषेक के सिर पर चाकू से वार किया, जिससे उसके कान पर गहरी चोट लगी। जब गांव वाले इकट्ठा हुए, तो आरोपी घटनास्थल से भाग गए।

