नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने नगा लोगों के हित में किये गये नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) और नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के विलय को ऐतिहासिक रूप से साथ आना बताया है।
कोहिमा में 21 अक्टूबर को हुए इस औपचारिक विलय के बाद रियो ने बृहस्पतिवार को एनपीएफ की केंद्रीय कार्यकारी परिषद (सीईसी) की बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह एकीकृत क्षेत्रीय मंच तभी सफल होगा, जब इसके सदस्य सद्भाव और ईमानदारी से मिलकर काम करेंगे।
मुख्यमंत्री रियो ने पार्टी नेताओं का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष के तौर पर उनकी दोनों ही भूमिकाओं में उनके नेतृत्व का समर्थन किया।
उन्होंने कहा, “हमारा एक साथ आना अपने लिए नहीं, बल्कि नगा समुदाय के उद्देश्य के लिए है। अपनी इतिहास, परंपरा, संस्कृति और पहचान को बनाए रखने के लिए है।”
उन्होंने सदस्यों से नगा अधिकारों और पहचान के लिए संघर्ष जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि यह विलय स्वयं में “एक ऐतिहासिक कदम” है।
मुख्यमंत्री ने विस्तृत क्षेत्रीय पहचान पर बोलते हुए कहा कि एनपीएफ केवल नगालैंड तक सीमित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में भी सक्रिय है और असम में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की आकांक्षा रखती है।
रियो ने कहा, “हम अंतरराष्ट्रीय सीमा से आगे नहीं जा सकते हैं, लेकिन हमारे नगा मित्र सीमाओं के उस पार भी हैं।
आइए, हम उसी भावना के साथ काम करें।”
इस बीच, सीईसी ने पार्टी के एकीकरण, संगठनात्मक पुनर्गठन और नगा राजनीतिक मुद्दे से संबंधित प्रस्तावों को स्वीकार किया है।
सीईसी ने कहा कि यह विलय नगा लोगों के सर्वोच्च हित में किया गया है।
राज्य के दो क्षेत्रीय दल, एनडीपीपी (32 विधायकों के साथ) और एनपीएफ (दो विधायक) का आधिकारिक तौर पर 21 अक्टूबर को विलय हो गया।
यह विलय, पूर्वोत्तर में सबसे पुराने क्षेत्रीय दल (एनपीएफ) के 63वें स्थापना दिवस के अवसर पर हुआ है।
News Source- PTI Information

