कांग्रेस 30 नवंबर को शाम 5 बजे सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर संसदीय रणनीति समूह की बैठक आयोजित करेगी, जिसमें संसद के आगामी शीतकालीन सत्र की रणनीति तैयार की जाएगी। पार्टी सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की घोषणा के अनुसार, यह सत्र 1 से 19 दिसंबर तक चलेगा। दोनों सदनों में विपक्ष का नेतृत्व कर रही कांग्रेस, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम की मध्यस्थता और चीन के साथ व्यापार समझौतों व मुद्दों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार दिए गए बयानों पर चर्चा की मांग करेगी।
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इस महीने की शुरुआत में, कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा था कि एक बड़ा मुद्दा एसआईआर का मुद्दा होगा। ट्रंप के बयानों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी एक बड़ा मुद्दा है। चीन के साथ मौजूदा रिश्ते अनसुलझे हैं। चीन के साथ कोई सीमा समझौता नहीं हुआ है। हम पहले जैसी स्थिति में नहीं लौटे हैं। दोनों देशों के बीच बातचीत चीन द्वारा स्थापित नई सामान्य स्थिति के आधार पर हो रही है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी के अनुसार, पार्टी 10 नवंबर को दिल्ली में हुए विस्फोटों के मद्देनजर राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी उठा सकती है, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में 15 लोग मारे गए थे।
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सूत्रों के अनुसार, किरण रिजिजू ने सत्र से पहले 30 नवंबर को एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है। इससे पहले, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एएनआई को बताया कि विपक्ष के नेता के साथ विधेयकों की सूची साझा करने और उनके सुझाव लेने के लिए एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी। मेघवाल ने कहा, “हम विभिन्न विभागों के सचिवों के साथ बैठक करने जा रहे हैं। हम उन सभी लंबित विधेयकों की जाँच करेंगे जिन्हें पारित किया जाना है, और फिर एक सर्वदलीय बैठक होगी जहाँ हम विपक्ष के नेता के साथ विधेयकों की सूची साझा करेंगे, और फिर हम विपक्षी नेताओं के सुझावों के अनुसार रणनीति बनाएंगे।” संसद में 19 दिनों में 15 बैठकें होंगी। निजी सदस्यों के विधेयकों पर 5 और 19 दिसंबर को और निजी सदस्यों के प्रस्तावों पर 12 दिसंबर को विचार किया जाएगा।

