पटियाला हाउस कोर्ट स्थित राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने शनिवार को दिल्ली विस्फोट मामले में पुलवामा (जम्मू-कश्मीर) निवासी डॉ. मुजम्मिल शकील गनई, अनंतनाग (जम्मू-कश्मीर) निवासी डॉ. अदील अहमद राथर, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) निवासी डॉ. शाहीन सईद और शोपियां (जम्मू-कश्मीर) निवासी मुफ्ती इरफान अहमद वागे की एनआईए हिरासत 10 दिनों के लिए बढ़ा दी।
एनआईए हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद आज उन्हें अदालत में पेश किया गया।
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प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष एनआईए न्यायाधीश) अंजू बजाज चंदना ने बंद कमरे में हुई सुनवाई में आरोपियों की एनआईए हिरासत 10 दिनों के लिए बढ़ा दी। एनआईए ने दिल्ली विस्फोट मामले की जाँच और इसमें उनकी भूमिका का पता लगाने के लिए आरोपियों की और रिमांड मांगी थी। सूत्रों के अनुसार, कुछ कानूनी आवश्यकताओं के संबंध में तीन अन्य आरोपियों को भी अदालत में पेश किया गया।
एनआईए ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा था कि उसने 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के बाहर हुए विस्फोट में शामिल चार और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे इस मामले में गिरफ्तारियों की कुल संख्या छह हो गई है। एजेंसी ने बताया था कि चारों आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट के जिला सत्र न्यायाधीश के पेशी आदेश पर एनआईए ने श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर से हिरासत में लिया था।
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एनआईए ने यह भी कहा कि उसने पहले दो अन्य आरोपियों – आमिर राशिद अली, जिसके नाम पर विस्फोट में इस्तेमाल की गई कार पंजीकृत थी, और जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश, जिसने घातक हमले में शामिल आतंकवादी को तकनीकी सहायता प्रदान की थी, को गिरफ्तार किया था। मामले में पूरी आतंकी साजिश का पर्दाफाश करने के एनआईए के प्रयासों के तहत उनसे पूछताछ जारी है।

