Monday, June 24, 2024
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डॉक्यूमेंट्री विवाद के बाद BBC के दिल्ली, मुंबई स्थित दफ्तर में आयकर विभाग का सर्च ऑपरेशन, कांग्रेस ने कहा ‘देश में अघोषित आपातकाल’

आयकर विभाग ने मंगलवार को कर चोरी की जांच के तहत दिल्ली और मुंबई में ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (BBC) के कार्यालयों में एक सर्वेक्षण अभियान चलाया। IT रेड को लेकर इनकम टैक्स विभाग के सूत्रों का कहना है कि मल्टीपल लोकेशन पर सर्वे हो रहा है। अभी कुल कितनी लोकेशन पर सर्च जारी है ये कहना मुश्किल है। अभी भी टीम बीबीसी ऑफिस में है और सर्वे की प्रक्रिया जारी है।

बीबीसी (BBC) द्वारा 2002 के गुजरात दंगों और भारत पर दो-भाग के वृत्तचित्र को प्रसारित करने के कुछ सप्ताह बाद यह औचक कार्रवाई हुई। वहीं अब इस कार्रवाई पर विपक्षी पार्टियों की प्रतिक्रिया आ रही है और जमकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा जा रहा है।

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छापे पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी आई है। कांग्रेस ने कहा है “पहले BBC की डॉक्यूमेंट्री आई, उसे बैन किया गया। अब BBC पर IT का छापा पड़ गया है। अघोषित आपातकाल”

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि BBC पर छापे की ख़बर ‘वैचारिक आपातकाल’ की घोषणा है। एक ओर अन्य ट्वीट में अखिलेश यादव ने लिखा, शासन-प्रशासन जब अभय एवं निर्भय की जगह भय और उत्पीड़न के प्रतीक बन जाएं तो समझ लेना चाहिए उनका अंत निकट है।

बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री “इंडिया – द मोदी क्वेश्चन” को लेकर देश भर में बहस है। दो एपिसोड वाली इस डॉक्यूमेंट्री में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर को दिखाया गया है। फिल्म पर विवाद इसलिए हो रहा है क्योंकि इसमें 2002 के गुजरात दंगों के दौरान नरेंद्र मोदी की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। उस दौरान मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। हालांकि इस डॉक्यूमेंट्री को भारत में बैन कर दिया गया और रिलीज नहीं होने दिया गया।

भारत सरकार ने इस डॉक्यूमेंट्री को ‘प्रोपेगैंडा पीस’ बताया था। पहला हिस्सा रिलीज होने के बाद ही सरकार ने डॉक्यूमेंट्री के लिंक्स को ट्विटर और यूट्यूब से हटाने के निर्देश जारी किए थे। उस वक्त विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था-

“ये एक प्रोपेगेंडा का हिस्सा है। यह झूठे नैरेटिव को बढ़ाने का एक मात्र हिस्सा है। इसके पीछे क्या एजेंडा है, यह सोचने को मजबूर करता है। इसमें पूर्वाग्रह, निष्पक्षता की कमी और औपनिवेशिक मानसिकता साफ-साफ झलक रही है। इसमें कोई वस्तुनिष्ठता नहीं है।”

दो एपिसोड वाली इस डॉक्यूमेंट्री का पहला हिस्सा 17 जनवरी को रिलीज हुआ था। वहीं दूसरा एपिसोड 24 जनवरी को प्रसारित हुआ।

कांग्रेस नेता जयराम नरेश ने कहा, ‘यहां हम अडानी के मामले में JPC की मांग कर रहे हैं और वहां सरकार BBC के पीछे पड़ी हुई है. विनाशकाले विपरीत बुद्धि।’

बीबीसी पर क्या हैं आरोप

प्राप्त जानकारी अनुसार बीबीसी पर ट्रांसफर प्राइसिंग नियमों के तहत गैर-अनुपालन, हस्तांतरण मूल्य निर्धारण मानदंडों का लगातार और जानबूझकर उल्लंघन करने और जानबूझकर मुनाफे की महत्वपूर्ण राशि को डायवर्ट करने का आरोप है। इन्हीं आरोपों की जांच करने के लिए सर्वे आयोजित किए गए हैं।

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