श्रीलंका में चक्रवात दित्वा के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन में 56 लोगों की मौत हो गई है। 21 से ज़्यादा लोग लापता बताए गए हैं। श्रीलंका सरकार ने खराब मौसम के कारण शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है, जिसमें आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए अवकाश रहेगा। बंगाल की खाड़ी से उठा यह घातक तूफ़ान तेज़ी से भारत की ओर बढ़ रहा है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और केरल में अलर्ट जारी कर दिया गया है। 30 नवंबर को इन राज्यों के तटीय क्षेत्रों में इस चक्रवात के पहुँचने की संभावना है।
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श्रीलंका में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बचाव और राहत अभियानों में भारत के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को तैनात किया जाएगा। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। श्रीलंकाई नौसेना ने बताया कि यह स्वदेशी विमानवाहक पोत ‘अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू’ 2025 की तैयारियों के तहत 25-26 नवंबर को कोलंबो में तैनात किया गया था। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि श्रीलंका के पूर्वी त्रिंकोमाली क्षेत्र में आए चक्रवाती तूफान डिटवा के कारणगंभीर मौसम के बीच जारी राहत कार्यों के लिए आईएनएस विक्रांत के विमानों के उपयोग हेतु औपचारिक अनुरोध किया गया था। श्रीलंका में बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 56 हो गई है, जबकि 21 लोग अब भी लापता हैं। आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) ने बताया कि पिछले 72 घंटों में 46 मौत के मामले दर्ज किए गए हैं।
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आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि अत्यधिक खराब मौसम से 12,313 परिवारों के 43,991 लोग प्रभावित हुए हैं। सिंचाई विभाग ने कोलंबो के निचले उत्तरी हिस्सों में केलानी नदी के पास रहने वाले निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी देते हुए कहा कि इस क्षेत्र को द्वीप राष्ट्र के इतिहास में सबसे खराब बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है। सिंचाई विभाग के महानिदेशक अजीत गुणासेकरा ने कहा, इस स्थिति के बदलने की कोई संभावना नहीं है। हमें आशंका है कि केलानी नदी का जल स्तर 2016 की बाढ़ के रिकॉर्ड को भी पार कर जाएगा।

