Saturday, June 15, 2024
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गाजियाबाद : 2 महीने पहले ली थी पार्षदी की शपथ, अब छोड़नी पड़ सकती है इन 26 पार्षदों को अपनी कुर्सी, पार्षदों के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल

गाजियाबाद नगर निगम के 26 पार्षदों पर उनकी पार्षदी छिनने का संकट मंडरा रहा है। अभी तीन महीना पहले ही पार्षदों का चुनाव संपन्न हुए था पार्षदों ने अभी सही से अपना कामकाज भी नही संभाला था और ऐसे में अब निगम के 26 पार्षदों की कुर्सी छिन सकती है।

मीडिया रिपोर्ट की माने तो प्रतिद्वंदी प्रत्याशियों ने उनके निर्वाचन में गड़बड़ियों के आरोप लगाकर न्यायालय में याचिका दाखिल की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पार्षदों ने नगर निकाय चुनाव के दौरान निर्वाचन के समय नामांकन दाखिल करते समय इन पार्षदों ने कई तथ्यों को छुपाया या फिर अधूरी जानकारी दी या फिर गलत जानकारी दी। जीते हुए पार्षदों के खिलाफ उन्हीं के वार्ड से हारे हुए प्रत्याशियों ने यह आरोप लगाया है। आरोप सही पाए गए तो इनमें से कई पार्षदों की कुर्सी जा सकती है।

नामांकन प्रक्रिया के दौरान विपक्षी प्रत्याशियों द्वारा जीते गए प्रत्याशियों पर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। शपथ पत्र में जाति प्रमाण पत्र, संपत्तियों की जानकारी छुपाने समेत कई अन्य दस्तावेजों में झूठी जानकारी दी गई थी। इस आधार पर कई नामांकन पत्रों को निरस्त भी किया गया था। चुनाव के दौरान हारे हुए प्रत्याशियों की ओर से शिकायतें आ रही हैं। निर्वाचन कार्यालय से जीते हुए पार्षदों के नामांकन पत्र के साथ दाखिल किए गए दस्तावेजों की सत्यापित प्रतिलिपि लेकर प्रतिद्वंदी प्रत्याशियों ने न्यायालय में केस कर दिया है।

इन पार्षदों पर है विवाद

नगर निगम के वार्ड 10- डीएलएफ कालोनी, 17 सेवानगर, हिन्डन विहार, 20-भौपुरा, 21-भोवापुर, 26-माधोपुरा सुन्दरपुरी, 29-कुटी, 34-शाहीदनगर प्रथम, 35-अकबरपुर बहरामपुर, 36-प्रहलाद गढ़ी, 41-महाराजपुर, 59-चन्द्रपुरी, 60–श्यामपर्क मैन, 63–पसौंडा, 64-गरिमा गार्डन, 66–मौसम विहार, 72-कौशाम्बी, 73-शालीमार गार्डन एक्सटेंशन, 74-वसुन्धरा-3, 75-लाजपतनगर-प्रथम, 82-जवाहर पार्क, 83-श्याम पार्क एक्सटेंशन, 86–राजेंद्र नगर–5, 87-ज्ञान खण्ड-इन्दिरापुरम, 89-वौशाली-3, 93-कैला भट्टा और 96-नेहरूनगर-तृतीय के पार्षदों पर चुनाव प्रक्रिया के दौरान जाति प्रमाण पत्र संपत्ति सहित अन्य तथ्यों  के बारे में  भ्रामक जानकारी देने का आरोप है। हालांकि चुनाव के दौरान कई प्रत्याशियों के नामांकन खारिज भी हुए थे।

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