Tuesday, June 25, 2024
Homeराज्यUttar Pradeshअयोध्या में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा, भूमाफिया की लिस्ट में BJP...
spot_img

अयोध्या में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा, भूमाफिया की लिस्ट में BJP विधायक और मेयर का भी नाम, प्राधिकरण ने जारी की सूची

अयोध्या विकास प्राधिकरण ने अपने क्षेत्र में अवैध रूप से भूखंड बेचने और उन पर निर्माण कार्य कराने वाले 40 लोगों की सूची जारी की है। इनमें अयोध्या के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक वेद प्रकाश गुप्ता भी शामिल हैं।

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने रविवार को बताया कि प्राधिकरण द्वारा शनिवार रात प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध रूप से जमीन की खरीद-फरोख्त और निर्माण कार्य कराने वाले 40 लोगों की एक सूची जारी की गई। उन्होंने कहा कि सूची में शामिल इन सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्राधिकरण द्वारा जारी सूची में भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता और अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय के नाम भी शामिल हैं। गुप्ता और उपाध्याय ने आरोप लगाया कि यह एक साजिश है और उन्हें गलत तरीके से इस मामले में फंसाया गया है। सूची में मिल्कीपुर क्षेत्र से पूर्व भाजपा विधायक गोरखनाथ बाबा का नाम भी शामिल है। गौरतलब है कि इस साल के शुरू में हुए विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या में गलत तरीके से जमीन की खरीद-फरोख्त किए जाने का मामला गर्माया था। क्षेत्रीय सांसद लल्लू सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस मामले की विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग की थी। 

दरअसल राम नगरी अयोध्या में जमीनों पर अवैध कब्जे का एक बड़ा मामला सामने आया है। सरयू नदी के किनारे डूब क्षेत्र, सरकारी नजूल और ग्रामीण क्षेत्र की जमीनों के एक बड़े हिस्से को अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर प्रॉपर्टी डीलरों ने बेचा है। इस खरीद-फरोख्त में मानकों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। विकास प्राधिकरण द्वारा जारी की गई लिस्ट में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लाखों की जमीन करोड़ों में बेचने के मामले में चर्चित हुए सुल्तान अंसारी और उनके पिता नन्हे मियां के साथ कई बड़े नाम शामिल हैं। इसमें अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, अयोध्या के बीजेपी विधायक वेद प्रकाश गुप्ता और मिल्कीपुर विधानसभा के पूर्व बीजेपी विधायक गोरखनाथ बाबा के नाम भी शामिल हैं।

क्या बोले नगर आयुक्त?
अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और नगर आयुक्त विशाल सिंह का इस मामला में बयान आया है। उन्होंने कहा है कि रजिस्ट्री होना और खारिज दाखिल होना, यह रिवेन्यू डिपार्टमेंट की रेगुलर प्रक्रिया है। लेकिन जिस स्थान पर विकास प्राधिकरण नाम बनाया जाता है, विकास प्राधिकरण के द्वारा जो बाइलॉज है बिल्डिंग बाइलॉज है। उनको जब अंकित कर लिया जाता है और एक नोटिफिकेशन जारी हो जाता है। इसका प्रयास यही होता है, सुनियोजित विकास हो। आप सब जानते हैं, अयोध्या को विश्व की आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जाना है।

हम किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण और किसी भी प्रकार की अवैध कॉलोनी बनने से रोकेंगे। इसी दिशा में जो माझा जमथरा जिसकी आप ने बात की, वह एक डूब क्षेत्र है। अभी वहां पर परिक्रमा मार्ग से लेकर सरयू तक बीच का जो क्षेत्र है, उसको लेकर हमारा मास्टर प्लान डिवेलप हुआ है। मास्टर प्लान मे भी उसको पार्क के रूप में चिन्हित किया गया है। साथ ही इसमें हमने इसके पूरे रिकॉर्ड चेक कराएं हैं। इसमें हमारे अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा इस चित्र में एक भी नक्शा पास नहीं किया। नक्शा पास नहीं किया गया है और किसी भी प्रकार से उनको इस बारे में हम लोगों ने हमेशा सचेत ही किया है।

पूर्व विधायक का आरोप
अयोध्या के वहीं पूर्व विधायक तेज नारायण उर्फ पवन पांडे ने कहा है कि यह भू-माफिया और योगी सरकार के अधिकारियों की मिलीभगत है। कैसे हुआ यह, कौन दोषी है, उन सारे अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। अगर डूब क्षेत्र था तो रजिस्ट्री कैसे हुई और दाखिल खारिज कैसे हुआ। डूब क्षेत्र में मकान कैसे बनाएं और नक्शा कैसे बना। मकान बनाने की इजाजत कैसे सरकार ने दी। उन सारे अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जब मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे तो वहां बंधा बांधा बन गया था। बंधा बनने के बाद वहां पर डूब क्षेत्र का बॉर्डर लगा दिया है। विकास प्राधिकरण वहां आज तक पानी नहीं आया। जो अधिकारी दोषी हैं, जो भू-माफिया दोषी हैं, उस पर कार्रवाई करिए।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!