महाराष्ट्र के सात जिलों से पिछले 10 दिनों में‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर क्राइम में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में 13 लोगों को पकड़ा गया है। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई 13 पुलिस टीमों ने सोलापुर, पुणे, नागपुर, सतारा और नासिक के इलाकों में की। अधिकारी ने बताया कि इन पुलिस टीम का गठन 18 नवंबर को किया गया था।
अधिकारी ने बताया, हमारी जांच में पता चला कि इस साल अक्टूबर तक मुंबई में डिजिटल गिरफ्तारी के 142 मामले सामने आये, इनमें कुल 114 करोड़ रुपये की राशि शामिल थी। टीम उन लोगों के पते पर गईं जिनके बैंक खाते साइबर धोखाधड़ी से धन जमा करने और स्थानांतरित करने के लिए दिए गए थे।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान सोलापुर के सुनील काशीनाथ भुजबल (45), पुणे के जुन्नार के अनंत माणिक थोराट (55), विरार के जयेश जयंत झावेरी (55), नालासोपारा के ध्रुमिल रामबिया (32), विलास मोरे उर्फ रेहान खान (43), रिजवान शौकत अली खान (34), कासिम रिजवान शेख (32), आशीष रामकृष्ण भुसारी (41), जीवन बारापात्रे (36), यश यादव के रूप में की है। (23), मोहन सोनावणे, हितेश मसूरकर (30) और अंकुश मोरे के तौर पर हुयी है।
अधिकारी ने बताया, चूंकि डिजिटल गिरफ्तारी के मामलों में वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाया गया है, इसलिए मुंबई पुलिस की टीम ने इस महीने की शुरुआत में अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों का एक डेटाबेस तैयार किया और उन्हें सतर्क करने के लिए उनके घरों पर कर्मियों को भेजा।

