पंजाब प्रांत के फैसलाबाद जिले के मलिकपुर में एक रासायनिक कारखाने में बॉयलर फटने से कम से कम 15 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। विस्फोट सुबह-सुबह हुआ, जिससे आस-पास की कई इमारतें ढह गईं, जिनमें एक फ़ैक्टरी की इमारत भी शामिल थी। फ़ैसलाबाद के उपायुक्त राजा जहाँगीर अनवर ने संवाददाताओं को बताया कि बचाव अभियान जारी है और मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका है। अनवर ने कहा कि अब तक बचाव दल ने मलबे से 15 शव निकाले हैं और सात घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि बचाव दल मलबा हटाने में लगे हुए हैं। ज़िले की पूरी मशीनरी बचाव कार्य में लगी हुई है।
इसे भी पढ़ें: 360 डिग्री कैसे पलटे ट्रंप? भारत आया अमेरिकी हथियारों का जखीरा
पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. उस्मान अनवर ने प्रभावी खोज और बचाव अभियान सुनिश्चित करने के लिए रेस्क्यू 1122, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों सहित सभी आपातकालीन प्रतिक्रिया दलों को पूर्ण सहयोग प्रदान करने के निर्देश जारी किए। पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने फैसलाबाद आयुक्त से घटना के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र के अन्य रासायनिक कारखानों की सुरक्षा जांच तेज कर दी गई है। अधिकारी भविष्य में इसी तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए औद्योगिक सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन की भी समीक्षा कर रहे हैं।
इसे भी पढ़ें: चीन-पाकिस्तान की क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बिगाड़ने की कोशिश? दोनों देशों की नौसैनिक डील पर भारत की पैनी निगाह, नौसेना प्रमुख का बयान
यह दुखद घटना क्षेत्र में औद्योगिक सुरक्षा मानकों को लेकर चिंताओं को रेखांकित करती है, क्योंकि अधिकारी बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं और पीड़ितों और उनके परिवारों को सहायता प्रदान कर रहे हैं। सियालकोट की एक कपड़ा फैक्ट्री में गैस रिसाव के कारण कई लोगों की मौत और कई अन्य घायल हुए थे, जिससे पूरे प्रांत में फैक्ट्रियों में पुराने उपकरणों, ढीले सुरक्षा उपायों और अपर्याप्त आपातकालीन तैयारियों को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा नियमों के सख्त पालन के बिना, ऐसी दुखद घटनाएँ होती रह सकती हैं।

