मंगलुरु की एक अदालत ने सामूहिक दफन मामले के संबंध में धर्मस्थल मंदिर और उसके प्रमुख डी वीरेंद्र हेगड़े एवं उनके परिवार को निशाना बनाने वाली अपमानजनक विषय वस्तु को तत्काल हटाने का शुक्रवार को आदेश दिया।
सत्र अदालत का यह फैसला संबंधित याचिका में उच्चतम न्यायालय द्वारा पहले दिए गए निर्देशों के अनुरूप है।
यह आदेश हेगड़े के भाई डी. हर्षेंद्र कुमार द्वारा दायर एक दीवानी मानहानि मुकदमे के बाद आया है।
कुमार ने कार्यकर्ता महेश शेट्टी टिमरोडी, गिरीश मत्तनवर, जयंत टी और अन्य लोगों की अपमानजनक टिप्पणियों के खिलाफ राहत मांगी, जो कथित तौर पर तथाकथित बुरुडे (खोपड़ी) गिरोह से जुड़े हैं।
अदालत ने वीडियो, व्हाट्सएप चैट, इंस्टाग्राम पोस्ट और फेसबुक रील पर गौर करने के बाद कहा कि आरोप “निराधार और नुकसान पहुंचाने वाले” हैं।