यूक्रेन जंग में बहुत बड़ा उलटफेर होना शुरू हो चुका है। यूक्रेन पर रूस के ताजा मिसाइल हमलों से अमेरिका बुरी तरह बौखला गया है। हालात ये हो गए हैं कि अब ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो ने मीडिया में बयान दिया कि यूक्रेन युद्ध के लिए भारत जिम्मेदार है। क्योंकि भारत रूस से अरबों डॉलर का तेल खरीद रहा है, जिसकी वजह से रूस यूक्रेन की जंग को जीत रहा है। वहीं ट्रंप का दांव भी अब उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। 24 घंटे में जंग रुकवाने का दावा करने वाले ट्रंप ने इसी कोशिश में पुतिन से अलास्का में मीटिंग भी की थी। लेकिन उनकी ये कोशिश बुरी तरह नाकाम साबित हुई और रूस व यूक्रेन के बीच की जंग और बुरी तरह से भड़क उठी है। रूस की तरफ से कीव पर हमले भी बढ़ गए हैं।
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यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने गुरुवार तड़के 598 ड्रोन और 31 मिसाइलों से भीषण हमला किया। इस हमले में 4 बच्चों सहित 18 लोगों की मौत हो गई और 45 लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह हम्म अलास्का में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पु की मुलाकात के महज 13 दिन बाद हुआ। यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया। हमले में एक 5 मंजिला अपार्टमेंट बिल्डिंग ध्वस्त हो गई, कई घर क्षतिग्रस्त हुए और एक शॉपिंग मॉल पर भी मिसाइल गिरी। यूरोपीय संघ मिशन और ब्रिटिश काउंसिल की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा।
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यूक्रेन के मुताबिक, रूस ने रातभर में 598 ड्रोन और 31 मिसाइल दागीं, जिनमें से 563 ड्रोन और 26 मिसाइलें मार गिराई गईं। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा, ‘रूस शांति की मेज की बजाय मिसाइलें चुन रहा है।’ कीव में 23 जगहों पर आग और मलबे की घटनाएं दर्ज की गई। 500 से अधिक आपातकर्मी राहत कार्यों में लगे रहे और कई लोगों को मलबे से जीवित निकाला गया। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने रूस को चेतावनी दी है, जबकि वाइट हाउस ने वार्ता जारी रखने की बात कही।