26/11 मुंबई हमलों की 17वीं बरसी पर भारत में इज़राइली राजदूत ने कहा कि भारत और इज़राइल के सामने मौजूद आतंकवादी खतरे एक जैसे हैं और इसने दोनों देशों को सुरक्षा एवं ख़ुफ़िया सहयोग के मामले में और क़रीब ला दिया है। मुंबई में एएनआई से बात करते हुए यानिव रेवाच ने कहा कि आतंकवाद का मुक़ाबला करने में दोनों देशों को “समान चुनौतियों” का सामना करना पड़ रहा है। रेवाच ने कहा कि आतंकवाद-विरोधी कार्रवाई के मामले में इज़राइल और भारत एक जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। आतंकवाद से लड़ने के मामले में हम भारत के नज़रिए को समझते हैं और हम इस बात का भी सम्मान करते हैं कि भारत आतंकवादी गतिविधियों से अपनी रक्षा करने के इज़राइल के अधिकार को समझता है।
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उन्होंने बढ़ती रक्षा साझेदारी पर ज़ोर दिया और कहा कि इज़राइल के युद्धक्षेत्र के अनुभव ने भारत के साथ सहयोग को आकार दिया है। उन्होंने कहा कि भारत और इज़राइल के बीच काफ़ी रक्षा सहयोग है। सौभाग्य से, इज़राइल के पास युद्ध-सिद्ध क्षमताएँ हैं और हमें उन्हें अपने भारतीय मित्रों के साथ साझा करने में खुशी हो रही है। रेवाच ने दोनों देशों के सामने आने वाले सीमा पार के खतरों की सीधी तुलना भी की। महावाणिज्य दूत ने कहा कि भारत पाकिस्तान से आने वाले आतंकवाद से जूझ रहा है, जबकि इज़राइल गाजा, लेबनान और यमन से हमलों का सामना कर रहा है।
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“भारत और इज़राइल अन्य देशों और राज्यों से आने वाले आतंकवाद का भी सामना कर रहे हैं। आप पाकिस्तान से इसका सामना कर रहे हैं, और हम गाजा, लेबनान और यमन से आने वाली आतंकवादी गतिविधियों का सामना कर रहे हैं।

