जब दुनिया के कई देश ट्रंप के टैरफ वॉर से निपटने की तैयारी में लगे थे। उस वक्त इजरायल ने दुनिया की सबसे बड़ी स्ट्राइक कर दुनिया को चौंका दिया। ईरान के प्रॉक्सी और समुदर में बड़ी बड़ी महाशक्तियों पर भारी पड़ने वाली हूति विद्रोहियों की पूरी लीडरशिप को इजरायल की वायुसेना और खुफिया एजेंसी मोसाद ने एक साथ खत्म कर दिया। इजरायल ने एक बार फिर से दुनिया को दिखाया कि उससे दुश्मनी करने वाला दुनिया के किसी भी कोने में छिपा हो। खुद को कितना भी ताकतवर और सुरक्षित समझता हो इजरायल उसे तलाश करके खत्म करके ही दम लेता है। मोसाद के इस ऑपरेशन को इजरायल की खुफिया एजेंसी का अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन कहा जा रहा है।
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इजरायल ने इस ऑपरेश को ए ड्रॉप ऑफ लक नाम दिया। जिसने दुनिया के लिए सिरदर्द बने हूती के प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और चीफ ऑफ स्टॉफ यानी सेना प्रमुख को एक साथ मार दिया। इस हमले में हूती के 10 से ज्यादा मंत्री भी मारे गए। यमन की राजधानी सना में इजराइल ने 28 अगस्त को हूती विद्रोहियों पर बड़ा हवाई हमला किया। इस हमले में हूती पीएम अहमद अल-रहावी की मौत हो गई। इजराइली अखबार टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट्स के मुताबिक, हूती रक्षा मंत्री मोहम्मद नासिर अल-अतीफी और चीफ ऑफ स्टाफ मुहम्मद अब्द अल-करीम अल-घमारी भी मारे गए होने की आशंका है। यमन के अल जुम्हरिया चैनल के अनुसार, पीएम अल-रहावी और उनके सहयोगियों को एक अपार्टमेंट में थे तब इजराइल ने हमला किया था। बताया जा रहा है कि ये नेता हूती प्रमुख अब्दुल मलिक अल-हूती का भाषण देख रहे थे।
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उधर, इजराइली आर्मी ने पुष्टि की कि सना में सैन्य ठिकानों और राष्ट्रपति भवन को निशाना बनाया गया। इजराइली रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने चेतावनी दी कि जो भी इसराइल के खिलाफ हथियार उठाएगा, उसका अंजाम बुरा होगा। हालांकि, यमनी अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में 10 लोग मारे गए और 90 घायल हुए। हालांकि, अभी तक इजराइली सेना ने हूती नेतृत्व की मौत की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।