कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि बिहार की मतदाता सूचियों से 65 लाख गरीब और सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के नाम हटा दिए गए हैं।
‘वोटर अधिकार यात्रा’ के तहत सीतामढ़ी में एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बिहार के लोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और निर्वाचन आयोग को अपने वोट का अधिकार ‘‘छीनने’’ की इजाजत नहीं देंगे।
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उन्होंने कहा, ‘‘हमने भाजपा और चुनाव आयोग का पर्दाफाश कर दिया है, जो वोट चुराने में लिप्त थे… उन्होंने महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक में ऐसा किया। अब वे इसे बिहार में दोहराना चाहते हैं, जो हम उन्हें नहीं करने देंगे।’’
राहुल ने दावा किया कि आने वाले महीनों में वह ‘‘वोट चोरी’’ के बारे में और सबूत पेश करेंगे।
रैली से पहले उन्होंने इलाके के प्रसिद्ध जानकी मंदिर में दर्शन किए और पूजा-अर्चना की।
बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।
इससे एक दिन पहले बिहार के कटिहार में राहुल गांधी अपनी पतलून ऊपर चढ़ाए पानी से भरे एक खेत में उतरे और झुककर गंदे पानी से मखाने की फलियाँ तोड़ने लगे। उनके आस-पास किसान मखाने की खेती की कठिन प्रक्रिया का प्रदर्शन कर रहे थे—यह काम लगभग पूरी तरह से नदी किनारे बसे गरीब समुदायों द्वारा किया जाता है।
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राहुल ने सवाल पूछे, ध्यान से सुना, गंभीरता से सिर हिलाया और तुरंत महसूस किया कि किसान अपनी इतनी मेहनत के बावजूद मुख्य लाभार्थी नहीं थे। बाद में उन्होंने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें लिखा था: “मखाना बिहार के किसानों की पसीने और मेहनत की उपज है। यह हज़ारों में बिकता है, लेकिन उनकी कमाई चंद पैसों की होती है जबकि सारा मुनाफ़ा बिचौलियों को जाता है। हमारी लड़ाई इस अन्याय के खिलाफ है: कड़ी मेहनत और कौशल के लिए पुरस्कार का अधिकार मज़दूर का होना चाहिए।”