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Tuesday, August 4, 2026
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कोई समझौता नहीं होगा, ट्रंप ने किया साफ, ईरान को बिना शर्त सरेंडर करना होगा, इसी में उसकी भलाई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को ईरान पर अपना रुख और कड़ा कर दिया। ट्रंप ने दो टूक कह दिया कि ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होगा, और उसे बिना शर्त आत्मसमर्पण करना होगा। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के अगले सर्वोच्चा नेता के चयन की प्रक्रिया में उन्हें शामिल किया जाना चाहिए। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले लगातार जारी हैं तथा इन हमलों के जवाब में ईरान ने भी क्षेत्र में इजराइल एवं अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमलों में मारे गए अयातुल्ला अली खामेनेई के स्थान पर उनके बेटे मोजतबा खामेनेई का सर्वोच्च नेता के तौर पर चयन अस्वीकार्य होगा।

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ईरान और अमेरिका-इजराइल गठबंधन के बीच संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है, मध्य पूर्व में लगातार सातवें दिन भी प्रत्यक्ष सैन्य टकराव जारी है और तनाव कम होने के कोई तत्काल संकेत नहीं दिख रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले छह दिनों में ईरान में इस युद्ध में मरने वालों की संख्या 1,200 से अधिक हो गई है, लेबनान में 70 से अधिक और इजराइल में लगभग एक दर्जन लोग मारे गए हैं। युद्ध हर दिन बढ़ता जा रहा है, जिससे मध्य पूर्व और उससे बाहर के 14 और देश प्रभावित हो रहे हैं। ईरान द्वारा कुवैत पर किए गए जवाबी हमलों के बाद अमेरिकी दूतावास बंद हो गया है, और ईरान में युद्ध बढ़ने के साथ ही पूरी तरह से काम बंद करने वाला यह दूसरा अमेरिकी राजनयिक मिशन बन गया है। कुवैत वह स्थान भी है जहां रविवार को एक ईरानी ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए थे। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि कुछ देशों ने मध्यस्थता के प्रयास शुरू कर दिए हैं। यह स्पष्ट होना चाहिए: हम इस क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं, फिर भी हमें अपने राष्ट्र की गरिमा और संप्रभुता की रक्षा करने में कोई संकोच नहीं है। मध्यस्थता में उन लोगों को शामिल किया जाना चाहिए जिन्होंने ईरानी जनता को कम आंका और इस संघर्ष को भड़काया।

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अजरबैजान ने ईरान पर ड्रोन हमले करने का बृहस्पतिवार को आरोप लगाया था जिसे तेहरान ने खारिज कर दिया। ईरान ने बृहस्पतिवार सुबह इजराइल और अमेरिका के कई अड्डों पर नये सिरे से हमले किए और धमकी दी कि हिंद महासागर में ईरान के एक युद्धपोत को टॉरपीडो के हमले से डुबोने के लिए अमेरिका को बहुत पछताना पड़ेगा। ईरान समर्थक हिजबुल्ला लड़ाकों के साथ संघर्ष बढ़ने के बीच इजराइल ने चेतावनी जारी कर बेरूत के दक्षिणी उपनगरों के लिए बड़े पैमाने पर निकासी का परामर्श जारी किया। संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों ने इजराइली सैनिकों की और टुकड़ियों के सीमा पार जाने के बीच दक्षिणी लेबनान में जमीनी लड़ाई की सूचना दी। इस बीच, पूरे ईरान में अमेरिका और इजराइल के हमले जारी हैं। उन्होंने ईरान की सैन्य क्षमता, नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया है। ईरान ने जवाबी हमले करते हुए अरब में अपने पड़ोसियों को निशाना बनाया है। इन हमलों के कारण तेल आपूर्ति बाधित हो गई है और वैश्विक हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई है। संबंधित देशों के अधिकारियों के अनुसार, इस युद्ध में ईरान में कम से कम 1,230 लोग, लेबनान में 120 से अधिक लोग और इजराइल में लगभग एक दर्जन लोग मारे गए हैं। हमलों में छह अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं।
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