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Tuesday, August 4, 2026
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जिनके दम पर उछल रहे थे ट्रंप, Iran ने 500 को दबोचा, MOSSAD के एजेंट को बीच चौराहे पर टांग दिया

ईरान में अमेरिका के 500 जासूसों को गिरफ्तार किया गया है। अटैक से जुड़े इनपुट ये जासूस जुटा रहे थे। आईआरजीसी कमांडर की जानकारी जुटा रहे थे। मुस्तबा की लोकेशन की भी ये जानकारी ले रहे थे। यह बहुत बड़ी खबर। महायुद्ध से जुड़ी हुई ईरान में यूएस के 500 जासूसों को गिरफ्तार किया गया है जो कि युद्ध से जुड़े इनपुट जुटा रहे थे। इन पर यह बड़ा आरोप लगा है। आईआरजीसी कमांडर की जानकारी जुटा रहे थे। इसके अलावा आपको बता दें कि मोजतबा की भी लोकेशन की यह जानकारी ले रहे थे। ईरान में एक-एक करके कई बड़े नेताओं को मौत के घाट उतार दिया गया। जिसके बाद से सवाल उठा क्या सच में इजराइल और अमेरिका के पास इतनी सटीक जानकारी थी या फिर कोई ईरान में बैठा गद्दार था जो ईरान की सूचनाएं लीक कर रहा था। यह सवाल इसलिए अहम हो जाता है क्योंकि पहले अयातुल्ला अली खामिनई की मौत और फिर अली लारीजानी की मौत। इसने ईरान की नींद उड़ा दी। ईरान के अधिकारियों और प्रशासन को शक हुआ कि देश के अंदर ही गद्दार बैठे हैं जो अमेरिका और इजराइल को खुफिया जानकारी दे रहे हैं। इसके बाद ईरान एक्शन में आता है और अब जासूसों की गिरफ्तारी लगातार कर रहा है। क्योंकि पहले यह सवाल खड़ा हुआ था कि क्या मोसाद के जासूस ईरान में घुसपैठ कर चुके हैं और ईरान के बड़े-बड़े नेताओं के हर मूवमेंट के उनके पास जानकारी है।

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मोसाद के एजेंट को फांसी

ईरान की न्यायपालिका ने अपनी अटूट शक्ति का प्रदर्शन करते हुए इजराइल के लिए जासूसी करने वाले एक शख्स को सरेआम फांसी के फंदे पर लटका दिया। यह कारवाई उस वक्त हुई जब ईरान अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है और उसके दुश्मन उसके घर के अंदर घुसकर हमले भी कर रहे हैं। ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी मिजान के अनुसार जिस व्यक्ति को मौत की सजा दी गई उसका नाम पुरोश किवानी है। किवानी कोई साधारण अपराधी बिल्कुल नहीं था बल्कि वह दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी मूसाद का वो चेहरा था जो कि ईरान के सीने में खंजर घूंप रहा था। उसे ईरान के बेहद संवेदनशील और रणनीतिक स्थानों की गोपनीय तस्वीरें खींचने और महत्वपूर्ण सैन्य जानकारियां इजराइल तक पहुंचाने का दोषी भी पाया गया। बुधवार 18 मार्च की सुबह जैसे ही किवानी को फांसी दी गई, ईरान ने पूरी दुनिया को यह कड़ा संदेश दिया कि वो अपनी धरती पर पल रहे गद्दारों को किसी भी कीमत पर बख्शेगा नहीं। 

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 दरअसल आपको बता दें कि ईरानी सुरक्षा एजेंसियों ने अली लारानी की मौत के बाद देश में अमेरिकी और इजरायली जासूसी नेटवर्क को खत्म करने के लिए बड़ी कार्यवाही की शुरुआत कर दी है। आईआरजीसी से जुड़े तसनीम न्यूज़ एजेंसी के हवाले से एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें दावा किया गया है कि ईरानी खुफिया एजेंसियों ने देश भर में इजराइल और अमेरिका के जासूसी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कारवाही की शुरुआत की है और इजराइल और अमेरिका के जासूसी नेटवर्क को खत्म किया जा रहा है। गौरतलब है कि 28 फरवरी से लेकर अब तक ईरान के कई शीर्ष नेता और अधिकारी मारे जा चुके हैं। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली राजानी की हत्या के बाद ईरान अब एक्शन में है। ईरानी खुफिया मंत्रालय का दावा है कि उसने 26 प्रांतों में फैले 111 रॉयलिस्ट सेल्स यानी कि खुफिया राजनीतिक या चरमपंथी समूह जो राजशाही की बहाली की वकालत करते हैं। उनकी पहचान कर उन्हें किसी भी तरह की कार्यवाही से पहले ही निष्क्रिय कर दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जो लोग संवेदनशील सूचनाएं दुश्मन तक पहुंचा रहे हैं उनका खात्मा किया जा रहा है और चुन चुनकर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। ईरानी खुफिया मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि कारवाही में बड़ी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं। जिनमें अत्याधुनिक बंदूकें भी शामिल हैं। तसनीम न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट में हमेदान और पश्चिम अज़र-बैजान प्रांतों से चार अमेरिकी जासूसों को भी पकड़े जाने का दावा किया गया है। इसके अलावा 21 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। जो कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क को सूचनाएं और तस्वीरें भेज रहे थे। इसी के बाद से ईरान लगातार अब कारवाई के मूड में है। ईरान की कारवाही में चार अमेरिकी जासूसों की गिरफ्तारी हुई है। इसके अलावा दो बड़े हथियारों का जखीरा भी जब्त किया गया है। 29 कोल्ड पिस्तल, दो कलासनिक राइफलल्स, 58 मैगजीन भी बरामद किए गए हैं। स्टारलिंग के 350 उपकरणों की खेप को भी जब्त करने का दावा किया गया है। ईरानी अधिकारियों का मानना है कि इन सेटेलाइट डिवाइसों का यूज़ करके अमेरिका और इजराइल जासूसों द्वारा सर्िलेंस से बचने और सिक्योर कम्युनिकेशन के लिए कर रहे थे। ईरानी सरकार ने लोगों से सूचना देने की भी अपील की है और कहा है कि जिन लोगों पर भी आपको शक हो रहा है कि यह लोग जासूसी कर रहे हैं या ईरान की सूचनाएं लीक कर रहे हैं उनके बारे में आप शासन प्रशासन को अवगत कराइए। ऐसे लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी। गौरतलब है कि ईरान और इजराइल के बीच जंग जारी है और अब तक दोनों देशों को बड़े पैमाने पर नुकसान हो चुका है।
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