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Wednesday, August 5, 2026
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Hormuz Strait पर Iran नरम पड़ा, USA-Israel को छोड़ दुनिया के लिए खोला रास्ता

ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते ‘होर्मुज़ जलडमरूमध्य’ को लेकर अपने रुख में थोड़ी नरमी दिखाई है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि अली मौसवी ने कहा है कि यह जलमार्ग उन सभी जहाजों के लिए खुला रहेगा जिनका संबंध ‘ईरान के दुश्मनों’ (अमेरिका और इजरायल) से नहीं है।
यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के कुछ ही घंटों बाद आया है, जिसमें उन्होंने 48 घंटे के भीतर रास्ता न खुलने पर ईरान के पावर प्लांट्स को तबाह करने की चेतावनी दी थी। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अन्य देशों के जहाज तेहरान के साथ सुरक्षा तालमेल बिठाकर यहाँ से गुजर सकते हैं।
 

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कूटनीति को प्राथमिकता, पर हमलों का भी दिया हवाला

ईरानी प्रतिनिधि ने अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन के साथ सहयोग करने की इच्छा जताई है ताकि खाड़ी क्षेत्र में नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हालांकि, उन्होंने यह भी तर्क दिया कि इस तनाव की असली वजह इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमले हैं।
मौसवी के अनुसार, ईरान अभी भी कूटनीति को प्राथमिकता दे रहा है, लेकिन शांति के लिए बाहरी आक्रामकता का रुकना और आपसी भरोसा कायम होना बेहद जरूरी है। बता दें कि 28 फरवरी से ईरान ने इस रास्ते को बंद कर रखा था, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा संकट का खतरा पैदा हो गया है।
 

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वैश्विक तेल सप्लाई पर मंडराता खतरा

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की कुल तेल और गैस सप्लाई के लगभग पांचवें हिस्से का मुख्य जरिया है। ईरान ने पहले संकल्प लिया था कि वह अमेरिका और इजरायल तक एक लीटर तेल भी नहीं पहुंचने देगा। इस तनाव के बीच अमेरिका ने जहाजों को सुरक्षा देने के लिए एक नौसैनिक गठबंधन बनाने की कोशिश की थी, लेकिन अधिकांश नाटो सहयोगियों ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है। सहयोगी देशों का कहना है कि वे ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य टकराव का हिस्सा नहीं बनना चाहते। फिलहाल, ईरान के इस नए बयान से उन देशों को थोड़ी राहत मिल सकती है जो इस रास्ते पर निर्भर हैं।
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