
जयशंकर ने निर्वासन पर जानकारी दी: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आज राज्यसभा में अमेरिका से निकाले गए भारतीयों के मुद्दे पर बयान दिया। जहां आज सुबह से ही विपक्षी सांसद संसद के बाहर हथकड़ी लगाकर प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं आज प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद जयशंकर ने संसद में बयान दिया।
उन्होंने कहा कि अवैध आप्रवासियों को पहले भी निर्वासित किया जाता रहा है। सभी देशों की जिम्मेदारी है कि वे अवैध नागरिकों को वापस स्वीकार करें। किसी भी देश से अवैध भारतीयों को निर्वासित करने की प्रक्रिया 2009 से चल रही है। वर्ष 2012 से लोगों को सरकारी विमानों से भारत भेजा जा रहा है।
प्रत्येक वर्ष कितने अवैध भारतीय वापस लौटे?
| 2010 | 799 |
| 2011 | 597 |
| 2012 | 530 |
| 2013 | 550 |
| 2014 | 591 |
| 2015 | 708 |
| 2016 | 1303 |
| 2017 | 1024 |
| 2018 | 1180 |
| 2019 | 2042 |
| 2020 | 1889 |
| 2021 | 805 |
| 2022 | 862 |
| 2024 | 1368 |
| 2025 | 104 |
उन्होंने कहा कि अवैध आप्रवासियों को पहले भी निर्वासित किया जाता रहा है। सभी देशों की जिम्मेदारी है कि वे अवैध नागरिकों को वापस स्वीकार करें। किसी भी देश से अवैध भारतीयों को निर्वासित करने की प्रक्रिया 2009 से चल रही है। वर्ष 2012 से लोगों को सरकारी विमानों से भारत भेजा जा रहा है। सांसदों को यह जानना चाहिए कि निर्वासन कोई नई बात नहीं है, ऐसा पहले भी हो चुका है। 2009 में 747 अवैध आप्रवासियों को निर्वासित किया गया। इस तरह हर साल सैकड़ों लोगों को भारत वापस भेजा जाता था। हर देश में नागरिकता की जांच की जाती है। ऐसे लोगों को सैन्य विमान से वापस लाने की प्रक्रिया 2012 से चल रही है।
जयशंकर ने राज्यसभा में अपने संबोधन में प्रवासन पर संयुक्त राष्ट्र संधि का भी उल्लेख किया। ताकि लोगों को कानूनी तरीके से यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके और घुसपैठ को रोका जा सके।


