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Tuesday, August 4, 2026
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विश्व कप सेमीफाइनल में दिग्गजों की जंग: एमबाप्पे बनाम यामल और मेस्सी बनाम केन के बीच महामुकाबला

फुटबॉल प्रशंसकों के लिए विश्व कप का सेमीफाइनल दौर बेहद रोमांचक होने जा रहा है। टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में फ्रांस की टक्कर स्पेन से होगी, जहां दिग्गज खिलाड़ी किलियन एमबाप्पे और युवा सितारे लामिन यामल के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है। वहीं, दूसरे सेमीफाइनल में अर्जेंटीना और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने होंगी, जहां लियोनेल मेस्सी और हैरी केन जैसे दो दिग्गज और अनुभवी खिलाड़ी अपनी टीमों को जीत दिलाने के इरादे से उतरेंगे।

इस बार के सेमीफाइनल मैच कई मायनों में बेहद खास और ऐतिहासिक हैं। साल 1990 के बाद यह पहला मौका है जब अंतिम चार में पहुंचने वाली सभी टीमें पूर्व चैंपियन हैं। अर्जेंटीना, स्पेन, फ्रांस और इंग्लैंड की टीमें फीफा रैंकिंग में शीर्ष चार पायदान पर रहते हुए टूर्नामेंट में आई थीं और अब वे विश्व चैंपियन बनने के खिताब से महज दो जीत दूर हैं। इसके अलावा, टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा गोल करने वाले छह खिलाड़ियों में से पांच इस चरण में मैदान पर दिखाई देंगे। यदि फ्रांस और अर्जेंटीना दोनों ही फाइनल में जगह बनाने में कामयाब होते हैं, तो फुटबॉल प्रशंसकों को साल 2022 के फाइनल का रोमांचक दोहराव देखने को मिल सकता है। पहले सेमीफाइनल में मंगलवार को टेक्सास के अर्लिंगटन में फ्रांस और स्पेन का सामना होगा, जबकि बुधवार को अटलांटा में इंग्लैंड की टीम अर्जेंटीना से भिड़ेगी।

फ्रांस और स्पेन की टीमें एक बार फिर किसी बड़े टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगी। इससे पहले दो साल पहले यूरोपीय चैंपियनशिप में दोनों के बीच मुकाबला हुआ था, जिसमें स्पेन ने 2-1 से जीत दर्ज की थी। उस समय केवल 16 साल के रहे लामिन यामल ने उस मैच में गोल दागा था और स्पेन ने बाद में इंग्लैंड को हराकर यूरो कप का खिताब जीता था। उस टूर्नामेंट में नाक की चोट के कारण एमबाप्पे ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे और फ्रांस के उभरते सितारे माइकल ओलिस और डेसिरे डोए को बड़ी सफलता मिलना बाकी था। दो साल बाद, फ्रांस को मौजूदा विश्व कप की सबसे मजबूत टीम माना जा रहा है। टीम के अग्रिम मोर्चे पर कई बेहतरीन खिलाड़ी हैं, जिनमें एमबाप्पे सबसे खास हैं, जो इस टूर्नामेंट के संयुक्त शीर्ष स्कोरर भी हैं। दूसरी ओर, स्पेन की टीम इस बार लामिन यामल और निको विलियम्स की चोटों से परेशान रही है और पिछले दौर में पुर्तगाल व बेल्जियम को हराने के लिए उसे आखिरी पलों में मिकेल मेरिनो के गोल पर निर्भर रहना पड़ा था। इन दोनों देशों का इतिहास पुराना है और यूरो कप 1984 के फाइनल में फ्रांस ने स्पेन को शिकस्त दी थी।

अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच फुटबॉल के मैदान की प्रतिद्वंद्विता जगजाहिर है, जिसमें खेल के अलावा 1982 के फ़ॉकलैंड द्वीप संघर्ष का तनाव भी जुड़ा रहा है। विश्व कप के इतिहास में इन दोनों टीमों के बीच कई तनावपूर्ण क्षण देखे गए हैं। साल 1966 के बेहद तनावपूर्ण क्वार्टर फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना के कप्तान एंटोनियो रैटिन को मैदान से बाहर भेजा गया था, जिनका हाल ही में निधन हुआ है। इंग्लैंड ने वह मुकाबला 1-0 से जीता था और मैच के बाद इंग्लैंड के कोच अल्फ रैमसे ने अपने खिलाड़ियों को विरोधी टीम के खिलाड़ियों के साथ जर्सी बदलने से रोका था।

इसके ठीक बीस साल बाद, 1986 के विश्व कप में डिएगो माराडोना के मशहूर ‘हैंड ऑफ गॉड’ गोल की मदद से अर्जेंटीना ने क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराया और आखिरकार खिताब जीता। वहीं, 1998 के विश्व कप में इंग्लैंड के डेविड बेकहम को अर्जेंटीना के मिडफील्डर डिएगो सिमोन को लात मारने के कारण लाल कार्ड दिखाया गया था। सिमोन की इस पर दी गई प्रतिक्रिया की इंग्लैंड के मीडिया में काफी आलोचना हुई थी। वह मैच अर्जेंटीना ने पेनल्टी शूटआउट में जीता था। चार साल बाद, 2002 में दोनों टीमें ग्रुप चरण में मिलीं, जहां बेकहम ने पेनल्टी पर गोल दागकर बदला पूरा किया और अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था।

अब इस ऐतिहासिक मुकाबले में यह देखना बेहद रोमांचक होगा कि मेस्सी और केन में से कौन अपनी टीम का संकटमोचक बनता है। संभवतः अपना आखिरी विश्व कप खेल रहे लियोनेल मेस्सी पर दुनिया भर की नजरें टिकी होंगी। विश्व कप के इतिहास में इंग्लैंड के खिलाफ यह उनका पहला मैच होगा। यदि मेस्सी अर्जेंटीना को दोबारा चैंपियन बना देते हैं, तो वह दो विश्व कप जीतकर महान माराडोना से आगे निकल जाएंगे। इसके साथ ही अर्जेंटीना की टीम साल 1958 और 1962 में लगातार दो बार चैंपियन बनने वाले ब्राजील के बाद यह कारनामा करने वाली पहली टीम बन जाएगी। महान खिलाड़ी पेले उस समय ब्राजील की टीम का हिस्सा थे और उन्होंने बाद में 1970 में तीसरा विश्व कप भी जीता था। इसके अतिरिक्त, मेस्सी और एमबाप्पे (आठ-आठ गोल), जूड बेलिंगहम और हैरी केन (छह-छह गोल), तथा औस्मान डेम्बेले (पांच गोल) के साथ ‘गोल्डन बूट’ की दौड़ को और रोमांचक बना रहे हैं।

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