पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने पद का सम्मान करने की अपील की और कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री राज्य के लोगों को “चोर” कहकर पूरे राज्य का अपमान करेंगे।
प्रधानमंत्री की हालिया टिप्पणियों का ज़िक्र करते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘भ्रष्टाचार, अपराध और तृणमूल कांग्रेस एक दूसरे के पर्याय हैं’, बनर्जी ने कहा, “मुझे प्रधानमंत्री से इसकी उम्मीद नहीं है। मैं उनके पद का सम्मान करती हूँ, लेकिन उन्हें भी हमारे पद का सम्मान करना चाहिए। उन्हें यह क्यों कहना चाहिए, “मैंने धन रोक दिया क्योंकि बंगाल में चोर हैं”?”
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अब एक दिन बाज ममता ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया है। और उन्हें किसी भी अन्याय के आगे न झूकने का आदेश दिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को अपनी पार्टी की छात्र शाखा के सदस्यों से किसी भी परिस्थिति में अन्याय से समझौता न करने का आह्वान किया।
तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के स्थापना दिवस पर इसके सदस्यों को बधाई देते हुए बनर्जी ने कहा कि अन्याय के खिलाफ किसी भी लड़ाई में वे उन्हें हमेशा अपने साथ पाएंगे।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “तृणमूल छात्र परिषद के इस ऐतिहासिक स्थापना दिवस पर मैं सभी नए और पुराने सदस्यों को हार्दिक बधाई देती हूं। तृणमूल छात्र परिषद तृणमूल परिवार का एक अभिन्न अंग है। बंगाल को और भी उन्नत व मजबूत बनाने के लिए हमारे संघर्ष में वे भी शामिल हैं।
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उन्होंने कहा, “आज के इस खास दिन पर, मैं अपने युवा साथियों से कहना चाहती हूं, किसी भी परिस्थिति में अन्याय से समझौता न करें। अपना मस्तक ऊंचा करके जिएं। अन्याय के खिलाफ किसी भी लड़ाई में, आप मुझे हमेशा अपने साथ पाएंगे। सभी स्वस्थ रहें।”
इस अवसर पर बनर्जी दोपहर में शहर के मध्य में मेयो रोड पर एक विशाल रैली को संबोधित करेंगी।
ममता के भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि टीएमसीपी एक ऐसा मंच बना हुआ है जो युवाओं को अपनी आवाज उठाने, अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने और एक उज्जवल भविष्य में योगदान देने के लिए सशक्त बनाता है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “टीएमसीपी के स्थापना दिवस पर, हम परिवर्तन, प्रगति व सामाजिक न्याय के आंदोलनों का नेतृत्व करने में बंगाल के युवाओं की भूमिका की सराहना करते हैं। टीएमसीपी एक ऐसा मंच रहा है जो युवाओं के लिए अपनी आवाज उठाने, अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने और एक उज्जवल भविष्य में योगदान देने के लिए सशक्त बनाता है।