तीन बार की चैम्पियन भारतीय टीम पिछले कुछ अर्से के खराब फॉर्म को भुलाकर पुरूष एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट जीतकर अगले साल होने वाले विश्व कप में जगह बनाने के इरादे से उतरेगी। भारत को शुक्रवार, 29 अगस्त को पहले मैच में चीन से खेलना है।
भारत और चीन को पूल ए में जापान और कजाखस्तान के साथ रखा गया है जबकि पूल बी में पांच बार की चैम्पियन दक्षिण कोरिया, मलेशिया, बांग्लादेश और चीनी ताइपै हैं।
वहीं, कजाखस्तान तीन दशक में पहली बार एशिया कप खेल रही है जिसने ओमान की जगह ली है जबकि बांग्लादेश की जगह पाकिस्तान खेल रहा है।
अप्रैल में पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद भारत के आपरेशन सिंदूर के मद्देनजर पाकिस्तान ने सुरक्षा कारणों से नाम वापिस ले लिया।
हर पूल की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी जबकि फाइनल सात सितंबर को होगा।
यह टूर्नामेंट अगले साल 14 से 30 अगस्त तक
बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले विश्व कप के लिये क्वालीफाई करने का भारत के पास सर्वश्रेष्ठ और आखिरी मौका है। भारत ने पहला मौका गंवा दिया जब यूरोपीय चरण में खराब प्रदर्शन के बाद वह एफआईएच प्रो लीग में सातवें स्थान पर खिसक गया।
भारत ने आठ में से सिर्फ एक मैच जीता और सात मैच लगातार हारे जिससे कोच क्रेग फुल्टोन को एशिया कप में अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम उतारनी पड़ी है। फुल्टोन ने स्वीकार किया कि एशिया कप इस साल का सबसे अहम टूर्नामेंट है।
भारत को इस टूर्नामेंट में शीर्ष रैंकिंग मिली है और टीम बेहतरीन प्रदर्शन करके आलोचकों का मुंह बंद करना चाहेगी।
इसके लिये कोच फुल्टोन को रक्षण पर फोकस वाली अपनी रणनीति बदलनी होगी जो प्रो लीग में नाकाम रही। भारत ने आठ मैचों में 26 गोल गंवाये और कई बार डिफेंडरों की गलती से हारे। इस टूर्नामेंट में हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम डिफेंस में कोई कोताही नहीं बरत सकती।
भारत की चिंता का सबब पेनल्टी कॉर्नर भी है जिसमें हरमनप्रीत सिंह पर अधिकांश दारोमदार रहता है। उनकी गैर मौजूदगी में अमित रोहिदास, जुगराज सिंह और संजय अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके हैं।
प्रो लीग के यूरोप चरण में गोलकीपिंग भी चिंताजनक रही। पी आर श्रीजेश के संन्यास के बाद कृशन बहादुर पाठक और सूरज करकेरा दबाव में दिखे हैं। पाठक हवा में आती गेंद पर काबू नहीं कर पाये हैं और करकेरा दबाव झेलने में नाकाम रहे हैं।
भारत ने 2023 एशियाई खेलों और 2024 एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी में 14 मैचों में 94 गोल किये। लेकिन टीम को आत्ममुग्धता से बचना होगा क्योंकि 2022 एशिया कप में उसे कांसे से संतोष करना पड़ा था।
भारत को शुक्रवार को चीन से खेलना है जो विश्व रैंकिंग में 23वें स्थान पर है लेकिन उसे हलके में नहीं लिया जा सकता। चीन की टीम जवाबी हमलों में माहिर है और 2009 में मलेशिया में हुए एशिया कप में तीसरे स्थान पर रही थी।
चीन अभी तक सिर्फ एक बार 2008 में मेजबान होने के नाते ओलंपिक खेला था लेकिन 11वें स्थान पर रहा था। वहीं 2018 विश्व कप में चीन की टीम 10वें स्थान पर रही थी।
चीन की टीम में अधिकांश खिलाड़ी मंगोलिया के हैं जो बरसों से हॉकी से मिलता जुलता बेइकू खेलते आ रहे हैं।
पहले दिन अन्य मैचों में मलेशिया का सामना बांग्लादेश से और दक्षिण कोरिया की टीम चीनी ताइपै से होगी। इसके बाद जापान और कजाखस्तान का मुकाबला होगा।
भारतीय टीम
गोलकीपर : सूरज करकेरा, कृशन बी पाठक
डिफेंडर : हरमनप्रीत सिंह (कप्तान) , अमित रोहिदास , जरमनप्रीत सिंह, सुमित, संजय और जुगराज सिंह।
मिडफील्डर : मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद, राजिंदर, राज कुमार पाल और हार्दिक सिंह। फॉरवर्ड : मनदीप सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा और दिलप्रीत सिंह
चीनी हॉकी टीम
चेन चोंगकोंग (कप्तान), ओ शू, चेन किजुन, गाओ जीशेंग, चेन चेंगफू, मेंग युआनफेंग, ली पेंगफेइ, लू युआंलिन, मेंग दिलहाओ, शू जीबिन, दू शिंहाओ, झांग शियाओजिया, ओ शुझू, मेंग नान, लिन चांगलियांग, गुओ शियाओलोंग, वांग वेइहाओ, वांग केइयू, ओ यांग, चेन बेनहाइ।