Saturday, August 30, 2025
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Astrological Predictions: भारत-अमेरिका, PM Modi, Rahul gandhi को लेकर क्या कह रहा ज्योतिष शास्त्र | Samaychakra

वर्तमान समय में भी ज्योतिष शास्त्र का बेहद ही ज्यादा महत्व है। ज्योतिष शास्त्र के जरिए भी देश-दुनिया में क्या होने वाला है, इसका अनुमान लगाया जा सकता है। प्रभासाक्षी ने भी अपने खास कार्यक्रम समय चक्र में जाने-माने एस्ट्रोलॉजर रोहिताश्व त्रिवेदी को इस बार आमंत्रित किया। हमने अपने कार्यक्रम में रोहिताश्व त्रिवेदी से यह जानने की कोशिश की कि आखिर आने वाला समय देश-दुनिया के लिए कैसा रहने वाला है? हमने भारत को लेकर भी रोहिताश्व त्रिवेदी से कुछ सवाल किए जिसका जवाब उन्होंने ज्योतिष शास्त्र के अनुरूप दिया।
 

बड़ा राजनीतिक उथल-पुथल?

– दिवाली तक कम से कम राजनीतिक वार-पलटवार का दौर हमें देखने को मिलेगा। बल्कि इसमें और कड़वाहट आ सकती है।

पीएम मोदी का भविष्य? 

– विश्व विजय पंचांग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर जो भविष्यवाणी की थी उसमें कहा गया था कि जुलाई, अगस्त, सितंबर में कुछ असमंजस की स्थिति रह सकती है और यह देखने को मिल रही है। कम से कम यह तनाव की स्थिति दीपावली तक देखने को मिल सकता है। हालांकि, इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय में उत्साह के लौटने की संभावना है। इसके साथ ही माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय और कैबिनेट में भी बड़ा बदलाव हो सकता है। प्रधानमंत्री उम्र की वजह से प्रधानमंत्री पद छोड़ने नहीं जा रहे हैं। हालांकि अभी शुभ समय है। कई बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री रिटायरमेंट के ऊपर भी विचार कर सकते हैं। इसके साथ ही रोहिताश्व त्रिवेदी ने कहा कि मध्यावधि चुनाव भी अगर होता है तो देश के लिए अच्छा रहेगा। मध्यावधि चुनाव की संभावनाएं प्रबल बनी रहेंगी।

विपक्ष की एकता?

– ममता बनर्जी, राहुल गांधी और अखिलेश यादव के जीवन में जून, जुलाई में उत्साह दिख रहा था। इस दौरान हमने देखा कि इन्हें मीडिया कैंपेन में लोकप्रियता भी मिली। यह सब केवल अक्टूबर तक है। बिहार चुनाव के बाद यह सब समाप्त हो सकता है। इंडिया गठबंधन का भविष्य कुछ समय के लिए हमें बिहार चुनाव तक छोड़कर चलना होगा।

भाजपा का नया अध्यक्ष कब?

– भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के लिए जो शुभ समय था, वह बीत चुका है। जितना विलंब होगा, वह भाजपा के लिए नुकसानदेह है। 

NDA में स्थिरता बनी रहेगी?

– इंडिया में सब कुछ स्थिर नहीं रहने वाला है। इसी अस्थिरता के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व में चिंता देखने को मिल सकती है। हालांकि, उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सरकार गिरती हुई दिखाई नहीं दे रही है। मध्यावधि चुनाव भी आते हैं तो भी भाजपा अपनी सरकार बना सकती है।

चीन और भारत के संबंध?

– विश्व बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। हमने अभी देखा भी की डोनाल्ड ट्रंप और पुतिन की बैठक हुई। अगले तीन-चार महीने हम चीन के साथ असमंजस वाली स्थिति में रहेंगे। दिखेगा कुछ, बातें कुछ और होंगी। अक्टूबर से स्थिति बदलने लगेगी। चीन के साथ हमारे संबंध असमंजस में चलते रहेंगे। 

भारत-पाकिस्तान रिश्ता?

ऑपरेशन सिंदूर में हमारी सेना ने शौर्य दिखाए। लेकिन एक गलती हुई। संघर्ष विराम जल्दी कर दिया गया। पाकिस्तान के साथ हमारे तनाव बने रहेंगे। संघर्ष विराम आने वाले समय में भंग हो सकता है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भारत में आ सकता है। हालांकि बल का प्रयोग करना पड़ सकता है। अपने आप आने की संभावना नहीं है।

अमेरिका के साथ भारत के रिश्ते? 

– अमेरिका के साथ अभी जैसा चल रहा है, वैसा ही रहने वाला है। फरवरी के बाद इसमें स्थिरता आएगी। व्यापार समझौता की भी अक्टूबर तक उम्मीद नहीं है। अक्टूबर के बाद कुछ ऊपर नीचे जरूर होगा। लेकिन स्थिरता फरवरी के बाद ही आएगी।
 

राज्यों में कानून व्यवस्था की स्थिति?

– कानून व्यवस्था की स्थिति कई राज्यों में बिगड़ने की संभावनाएं हैं। पाकिस्तान के साथ सीमावर्ती राज्यों और राष्ट्रीय राजधानी में यह खतरा ज्यादा है। इसके अलावा घुसपैठिए को निकलने की जो कोशिश हो रही है, उसकी वजह से कुछ दिक्कतें हो सकती हैं। 

अंतरराष्ट्रीय
नेतन्याहू की कुंडली क्या कहती है?

– इसराइल की अंतरराष्ट्रीय नीति जो है, वह जैसी है वैसे ही बनी रहेगी। हालांकि नेतन्याहू के लिए कुछ चुनौतियां जरूर सामने आएंगी। गाजा पर इजरायल का पूरी तरह से कब्जा हो गया है।

अमेरिका और ट्रम्प?

– अमेरिका में ट्रंप की लोकप्रियता लगातार बढ़ती रहेगी। वह अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए राजनीति कर रहे हैं जिसका उन्हें फायदा भी मिलेगा। वह सब कुछ अपनी निजी राजनीति के लिए कर रहे हैं। 

 
रूस-युक्रेन युद्ध में आगे क्या होगा?

– कुछ समय के लिए रूस तनाव में दिखने को मिलेगा। कुछ राजनीतिक चिंताएं पुतिन के सामने रहेंगी। लेकिन दिसंबर के बाद रूस एक बार फिर से उड़ान भरेगा और पुतिन के लिए भी अच्छी खबरें आने लगेंगी।
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