(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 30 जुलाई अमेरिका की एक संघीय अदालत ने एक भारतीय नागरिक को वीजा धोखाधड़ी और हथियारबंद डकैती की साजिश रचने का दोषी करार देते हुए एक दिन कारावास और एक हजार अमेरिकी डॉलर जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही उसे देश से निष्कासित करने का भी आदेश दिया है। मैसाचुसेट्स के वॉर्सेस्टर निवासी मितुल पटेल (40) को बुधवार को बोस्टन की अमेरिकी जिला अदालत ने सजा सुनाई।
उसे कुछ दुकानों में हथियारों के साथ डकैती का नाटक करने की साजिश रचने के मामले में सजा दी गई। डकैती का नाटक करने का उद्देश्य दुकानों के कर्मियों को आव्रजन आवेदनों में यह झूठा दावा करने में मदद करना था कि वे अपराध के शिकार हुए हैं। अदालत में पटेल और इस साजिश में शामिल 10 अन्य लोगों ने जून 2026 में अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
आरोप-पत्र के अनुसार, मार्च 2023 से रामभाई पटेल और उनके साथियों ने मैसाचुसेट्स और अन्य जगहों पर कम से कम छह किराना /शराब की दुकानों और फास्ट-फूड रेस्तरां में हथियारों के साथ दिखावटी डकैतियां कीं। आरोप है कि इन दिखावटी डकैतियों का उद्देश्य था कि वहां मौजूद क्लर्क ‘यू गैर आव्रजक दर्जा’ (यू वीजा) के लिए आवेदन करते समय यह झूठा दावा कर सकें कि वे किसी हिंसक अपराध का शिकार हुए थे। मितुल पटेल ने अक्टूबर 2023 में वॉर्सेस्टर के एक स्टोर में की गई दिखावटी डकैती में ‘पीड़ित’ के तौर पर शामिल होने के लिए रामभाई पटेल को पैसे दिए थे।
अमेरिका में यू वीज़ा उन सूचीबद्ध अपराधों के पीड़ितों को मिल सकता है जिन्होंने मानसिक या शारीरिक शोषण का सामना किया है और आपराधिक गतिविधियों की जांच या मुकदमे में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद की है।


