उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के दुश्मन दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल को अदालत ने महाभियोग की मंजूरी दे दी है। इसका मतलब है कि यून का राजनीतिक करियर अब खत्म हो गया है। यून सुक योल को किम जोंग उन का बड़ा विरोधी माना जाता था। लेकिन अदालत के इस फैसले के बाद उनकी स्थिति बहुत कमजोर हो गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार अदालत ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल को मार्शल लॉ लागू करने के लिए दोषी करार दिया है।
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संवैधानिक न्यायालय ने मॉर्शल लॉ लागू करने के कारण देश के राष्ट्रपति यून सुक येओल को शुक्रवार को पद से हटाने का फैसला सुनाया। फैसले के वाद यून ने जनता की उम्मीदों पर खरा न उतर पाने के लिए माफी मांगी है। यून पर यह कार्रवाई इसलिए की गई है क्योंकि 4 माह पहले उन्होंने देश में ‘मार्शल लॉ’ की घोषणा की थी, संसद में सेना भी भेजी थी। नया राष्ट्रपति चुनने के लिए दो माह के भीतर चुनाव कराना होगा। मुख्य विपक्षी ‘डेमोक्रेटिक पार्टी’ के नेता ली जे-म्यांग राष्ट्रपति वन सकते हैं।
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न्यायमूर्ति मून ने कहा कि प्रतिवादी ने न केवल मार्शल लॉ की घोषणा की बल्कि विधायी अधिकार के इस्तेमाल में बाधा डालने के लिए सैन्य एवं पुलिस बलों को जुटाकर संविधान और कानूनों का भी उल्लंघन किया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव और प्रतिवादी द्वारा किए उल्लंघनों के कारण पड़ने वाले बड़े प्रभावों को देखते हुए हमें लगता है कि प्रतिवादी को पद से हटाकर संविधान को बनाए रखने के लाभ राष्ट्रपति को हटाने से होने वाले राष्ट्रीय नुकसान से कहीं अधिक हैं। इसके बाद, यून ने एक बयान में कहा कि उन्हें जनता की उम्मीदों पर खरा न उतर पाने का बहुत अफसोस है। उन्होंने कहा कि वह देश और उसके लोगों के लिए प्रार्थना करेंगे। यून ने कहा कि कोरिया गणराज्य के लिए काम करने पाना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात रही है।