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Tuesday, August 4, 2026
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पंजाब कांग्रेस में सब एकजुट, आलाकमान के फैसले पर किसी को आपत्ति नहीं: भूपेश बघेल

पंजाब कांग्रेस के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल ने शनिवार को दावा किया कि राज्य में पार्टी आलाकमान के प्रदेश अध्यक्ष से जुड़े फैसले पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है। चंडीगढ़ में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक राणा गुरजीत के आवास पर करीब 80 मिनट तक चली महत्वपूर्ण बैठक के बाद बघेल ने कहा कि पार्टी में सब कुछ ठीक है और सभी नेता एकजुट हैं। हालांकि, जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी नेताओं के बयानों से पार्टी के भीतर जारी खींचतान खुलकर सामने आ गई है।
इस अहम बैठक में चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेता शामिल हुए, लेकिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग इससे दूर रहे। बैठक के तुरंत बाद भूपेश बघेल रायपुर के लिए रवाना हो गए, और हवाई अड्डे जाते समय राजा वडिंग उनके साथ थे और उन्होंने खुद कार चलाई। कांग्रेस ने एक जुलाई को घोषणा की थी कि राजा वडिंग पंजाब इकाई के अध्यक्ष बने रहेंगे, जबकि चन्नी को चुनाव प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। प्रदेश अध्यक्ष न बनाए जाने से नाराज बताए जा रहे चन्नी ने इससे पहले बघेल से मुलाकात नहीं की थी।
बैठक के बाद वरिष्ठ नेता और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि कार्यकर्ताओं की भावनाएं प्रभारी तक पहुंचा दी गई हैं और पार्टी को कभी-कभी अपने फैसले वापस भी लेने पड़ते हैं। रंधावा ने संकेत दिया कि चन्नी खेमे को राजा वडिंग का नेतृत्व मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के शासन में फैले भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस को एक ऐसे निडर नेता की जरूरत है जो मजबूती से अपनी बात रख सके। रंधावा ने पंजाबी में कहा कि उन्हें पुरजोर तरीके से अपनी बात कहने वाला नेता चाहिए, समझौता करने वाले नेता की जरूरत नहीं है।
रंधावा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग ने कहा कि रंधावा और वह लंबे समय से साथ काम कर रहे हैं। वडिंग ने कहा कि पंजाब कांग्रेस में कोई ‘स्लीपर सेल’ या समझौता करने वाला नेता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई नेताओं पर दूसरी पार्टियों से गुप्त बैठकें करने के आरोप लगते रहे हैं और पंजाब को ऐसे समझौतावादी नेताओं की जरूरत नहीं है। वहीं, भूपेश बघेल ने भी सहमति जताई कि अगर कोई नेता भाजपा, आप या किसी अन्य दल के साथ समझौता करता है तो बात नहीं बनेगी और वह प्रभारी के रूप में ऐसा नहीं होने देंगे।
बैठक में चन्नी के अलावा सुखजिंदर सिंह रंधावा, भारत भूषण आशु, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व उपमुख्यमंत्री ओ.पी. सिंह भी मौजूद रहे। जब चन्नी से पूछा गया कि क्या उन्हें वडिंग का नेतृत्व स्वीकार है, तो उन्होंने कहा कि सभी मुद्दों पर बैठक में चर्चा होगी और आगे ‘तेल देखेंगे, तेल की धार देखेंगे’। भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया कि बैठक में राजा वडिंग को हटाने या आगामी चुनाव के लिए चन्नी को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है, उनका एकमात्र लक्ष्य राज्य में कांग्रेस की सरकार बनाना है।

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