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Tuesday, August 4, 2026
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मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा और नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाएगा ‘इंडिया’ गठबंधन: सुधाकर सिंह

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने कहा है कि ‘इंडिया’ गठबंधन आगामी संसद के मानसून सत्र में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले और नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरेगा। इसके साथ ही, विपक्षी दलों में फूट डालकर दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कथित कोशिशों का भी कड़ा विरोध किया जाएगा। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा।
बिहार के बक्सर से सांसद सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी संख्या बल जुटाने के उद्देश्य से विपक्षी दलों को कमजोर करने की राजनीतिक रणनीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा देशभर में विपक्षी दलों को तोड़कर संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल करना चाहती है, लेकिन ‘इंडिया’ गठबंधन पूरी मजबूती के साथ इसका विरोध करेगा।
सांसद सुधाकर सिंह के अनुसार, विपक्ष संसद में हर महत्वपूर्ण मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगा। इसमें राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी और पेपर लीक से लेकर बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे विषय शामिल हैं। हाल के दिनों में विपक्षी सांसदों के पाला बदलने की खबरों और अटकलों पर उन्होंने कहा कि यह पूरे ‘इंडिया’ गठबंधन के लिए चिंता का विषय है।
राजद नेता ने आरोप लगाया कि पहले दल-बदल कानून के दायरे में रहकर होता था, लेकिन आज ऐसा लगता है कि नियमों और सुरक्षात्मक उपायों को भी पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के पास अपने दम पर पर्याप्त संख्या बल नहीं है, इसलिए वह विपक्षी प्रतिद्वंद्वियों को कमजोर करने में जुटा है, जिससे पूरा विपक्ष चिंतित है। उन्होंने इन कोशिशों को संविधान को कमजोर करने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया।
सुधाकर सिंह ने यह भी कहा कि साल 2024 का लोकसभा चुनाव संविधान बचाने के मुद्दे पर लड़ा गया था। आज भाजपा के कदमों और नए कानूनों से यह साफ दिख रहा है कि संविधान को कैसे कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे नागरिकों के वोटिंग अधिकार पर हमला बताया और कहा कि अगर मतदाता सूची से असली मतदाताओं के नाम हटा दिए जाएं, तो सरकारों को बैलेट के बजाय मतदाता सूची के जरिए बदला जा सकता है।
राजद सांसद ने साफ किया कि विपक्ष ‘एक देश, एक चुनाव’ और परिसीमन जैसे कदमों का संसद में पुरजोर विरोध करेगा, क्योंकि ये लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करते हैं। इसके अलावा, उन्होंने नीट पेपर लीक को एक ‘राष्ट्रीय संकट’ बताते हुए जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन का भी पूरा समर्थन किया।

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