ग्लास्गो , 28 जुलाई दो वर्ष की उम्र में पोलियो का शिकार हुई शर्मिला धनकर राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली पैरा एथलीट बन गई जिन्होंने महिला शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में पहला स्थान हासिल किया। चालीस वर्षीय शर्मिला ने 9.81 मीटर का सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो लगाकर स्वर्ण पदक जीता और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पैरा एथलेटिक्स पदक के 20 साल के इंतजार को खत्म किया। शर्मिला ने जीत के बाद कहा ,‘‘ मैं बहुत खुश हूं।
अभी तक विश्वास नहीं हो रहा है और दो तीन दिन लगेंगे। मेरी मां ने दुनिया से लड़कर मेरा सपना पूरा करने में मदद की। अगला लक्ष्य एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है।’’
इस स्पर्धा में एक और भारतीय खिलाड़ी शिल्पा शायला को विवाद के बाद कांस्य पदक प्रदान किया गया।
शिल्पा ने 7.26 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया था। शुरुआत में नाइजीरिया की यूचेरिया इयियाजी कांस्य पदक की स्थिति में थीं, लेकिन भारतीय दल की आपत्ति और आधिकारिक समीक्षा के बाद उनके एकमात्र वैध प्रयास को फाउल करार दिया गया। इसके बाद चौथे स्थान पर रहीं शिल्पा शायला को कांस्य पदक मिल गया।
नाइजीरिया की ओर से हालांकि इस फैसले के खिलाफ आपत्ति दर्ज किए जाने की संभावना है। पदक में बदलाव की घोषणा के बाद भावुक शिल्पा ने शर्मिला के साथ जश्न मनाया। इस तरह भारत ने इस स्पर्धा में दो पदक हासिल किए।
एफ57 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए होता है जिनके निचले अंगों में अक्षमता, अंगों की कमी या मांसपेशियों की ताकत में कमी होती है। शर्मिला का यह पदक उनके बेहतरीन खेल ही नहीं बल्कि अप्रतिम साहस की भी कहानी बताता है। हरियाणा के छितरोली की रहने वाली शर्मिला दो वर्ष की थी जब पोलियो के कारण उनके बायें पैर में विकार आ गया था।
भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा साझा किये गए परिचय के अनुसार शर्मिला का विवाह जल्दी हो गया था और उनके पति का बर्ताव बेहद खराब था। अपने परिवार के सहयोग से वह जीवन को फिर ढर्रे पर ला सकी। उन्होंने रेवाड़ी के व्यवसायी अजित सिंह से दोबारा विवाह किया और उनके दो बच्चे हैं।
अजित ने ही उन्हें 2020 में कोच टेक चंद के मार्गदर्शन में पैरा एथलेटिक्स में कैरियर बनाने के लिये प्रेरित किया। एक साल के भीतर उन्होंने राष्ट्रीय चैम्पियनशिप जीती और शॉट पुट तथा चक्का फेंक में भारत की शीर्ष पैरा एथलीट बनी। इस साल उन्होंने फाजा इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
वह बर्मिंघम खेलों में चौथे स्थान पर रही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए एक्स पर लिखा ,‘‘ ग्लास्गो में इतिहास रचा गया। शर्मिला को महिलाओं की शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में बहुत ही खास स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई।
उनके शानदार प्रदर्शन से राष्ट्रमंडल की पैरा एथलेटिक्स स्पर्धा में भारत का बीस साल का इंतजर खत्म हुआ।’’
उन्होंने आगे लिखा ,‘‘भविष्य के लिये उन्हें मेरी शुभकामनायें।’’
खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने लिखा ,‘‘ ग्लास्गो में ऐतिहासिक स्वर्ण। शर्मिला ने महिलाओं की शॉट पुट एफ 57 में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह पैरा एथलेटिक्स में राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनी।
उनके जीवट और जुझारूपन ने विश्व स्तर पर भारत को गौरवान्वित किया है।


