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Wednesday, August 5, 2026
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हद में रहो…भारत से जाते ही मेलोनी से मैक्रों का हुआ तगड़ा झगड़ा! वजह जानकर चौंक जाएंगे

वो कहावत है ना चिंगारी छोटी हो तो भी आग बड़ी बन सकती है और यूरोप की राजनीति में इस समय कुछ ऐसी ही चिंगारी दिख रही है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच अचानक बयानबाजियां तेज हो गई है। खास बात यह है कि यह विवाद उस समय सामने आया जब मैक्रों भारत की यात्रा से लौट रहे थे। भारत दौरे के दौरान दोनों देशों के नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर बातचीत की थी। लेकिन वापसी के समय मैक्रों का बयान सुर्खियों में आ गया। पत्रकारों ने जब उनसे मेलोनी के बयान पर सवाल पूछा, तो मैक्रों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हद में रहो बिना पूरी जानकारी के कुछ मत कहो। यहीं से यूरोप की राजनीति में एक नई बहस शुरू हो गई। आखिर ऐसा हुआ क्या कि भारत से लौटते ही मैक्रों इतनी तेजी से नाराज हो गए। क्या यह सिर्फ एक बयान है या फ्रांस और इटली के रिश्तों में बड़ा तनाव पैदा हो सकता है? 

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दरअसल 17 से 19 तारीख तक मैक्रों भारत के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने कई अहम बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। भारत और फ्रांस के बीच रक्षा टेक्नोलॉजी और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई। लेकिन जब वे भारत से लौट रहे थे, उसी समय पत्रकारों ने उनसे मेलोनी के एक बयान को लेकर सवाल पूछ लिया। यह बयान फ्रांस में हुई एक मौत से जुड़ा हुआ मामला था जिस पर मेलोनी ने टिप्पणी की थी। मैक्रों को लगा कि इटली के प्रधानमंत्री फ्रांस के घरेलू मामले में दखल दे रहे हैं।

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यही वजह है कि उन्होंने नाराज होकर कहा कि किसी भी टिप्पणी से पहले तथ्य जांच लेना चाहिए। मैक्रों ने यह भी कहा कि जो नेता खुद अपने देश के मामलों में बाहरी हस्तक्षेप पसंद नहीं करते हैं उन्हें दूसरे देशों के मामले में बोलते समय सावधानी बरतनी चाहिए। अब समझिए पूरा मामला क्या है। दरअसल फ्रांस में हाल में 23 साल की दक्षिणपंथी कार्यकर्ता की मौत ने पूरे देश में राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया। 
यह घटना ल्यू शहर के एक विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान हुई। वहां कुछ लोगों ने हमला किया जिसमें उस कार्यकर्ता की जान चली गई। इस घटना के बाद फ्रांस में बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेजी से लगने लगे। उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए कहा था कि कई देशों में वैचारिक नफरत का माहौल बढ़ा है और यह चिंता की बात है। यहीं से विवाद शुरू हो गया। मैक्रोन को लगा कि मेलोनी का बयान सीधे तौर पर फ्रांस की राजनीति और वहां की सरकार पर सवाल उठाता है। उनका मानना है किसी भी दूसरे देश के नेता को फ्रांस के आंतरिक मामलों पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से बचना चाहिए। इसी वजह से उन्होंने पत्रकारों के सामने कड़ा रुख अपनाया। हालांकि इटली सरकार की तरफ से भी तुरंत प्रतिक्रिया सामने आई। 
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