बुलंदशहर। जनपद के विकास खंड पहासू में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) विषय पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें ग्राम प्रधानों, पंचायत सहायकों और ग्राम पंचायत सचिवों को पंचायत स्तर पर विकास योजनाएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
पहासू ब्लॉक सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन ग्राम प्रधानों, खंड विकास अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान और पंचायत सहायक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) की प्रक्रिया, गांव की आवश्यकताओं की पहचान, विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। इस योजना के तहत ग्राम पंचायतें गांव की जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए वार्षिक विकास योजना तैयार करती हैं, जिससे आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय को बढ़ावा मिलता है।
विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण में बताया कि ग्राम पंचायत विकास योजना एक सहभागी प्रक्रिया है, जिसमें ग्राम सभा की भागीदारी से गांव की समस्याओं और विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जाती हैं। इसके बाद उपलब्ध संसाधनों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के समन्वय से ग्राम पंचायत स्तर पर विकास योजना तैयार की जाती है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उपनिदेशक (पंचायत), मेरठ मंडल के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पंचायत प्रशासन, विकास योजनाओं की निगरानी और पारदर्शी कार्यप्रणाली से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी पहासू नरेंद्र शर्मा और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) सत्यपाल सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सक्षम बनाना है, ताकि गांवों का समग्र और योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित किया जा सके।


