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Tuesday, August 4, 2026
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UP – पंचायत में गड़बड़ी के आरोप: काम से पहले निकाले पैसे, शिकायतकर्ता को मिली फोन पर धमकी

आगरा (सैंया): विकासखंड सैंया की ग्राम पंचायत भिड़ावली में विकास कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि आरसीसी सड़क निर्माण के नाम पर ₹1,30,000 की राशि पहले ही निकाल ली गई, जबकि मौके पर कोई काम शुरू नहीं हुआ था।

बताया जा रहा है कि एक सड़क दिनेश के घर से घूरेलाल के घर तक बनाई जानी थी लेकिन सड़क के निर्माण शुरू होने से पहले ही सड़क निर्माण के नाम पर पैसे निकाल लिए गए। ग्रामीणों के अनुसार, जब इस मामले की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई, तब संबंधित पक्ष द्वारा जल्दबाजी में निर्माण कार्य शुरू कराया गया।

क्या है पूरा मामला?

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है इसमे ग्रामीणों का आरोप है कि बिना कार्य पूर्ण किए ही भुगतान निकाल लिया गया, जो वित्तीय नियमों का उल्लंघन हो सकता है। इस घटना ने पंचायत स्तर पर कार्यों की पारदर्शिता और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवाज नहीं उठाई जाती, तो मामला दब सकता था। अब ग्रामीण इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

फोन पर मिली धमकी

मामले को और तूल तब मिला, जब सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल होने के बाद शिकायतकर्ता ग्रामीण, दिवाकर कुशवाहा को पंचायत सचिव शंकर लाल द्वारा कथित रूप से फोन पर धमकाने की बात सामने आयी है।

हालांकि, इंडिया लाइव बुलेटिन इसकी पुष्टि नहीं करता है, लेकिन यदि यह सही पाया जाता है, तो यह न केवल भ्रष्टाचार बल्कि शिकायतकर्ताओं को डराने का गंभीर मामला भी बन सकता है।

ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

गांव में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

प्रशासन के सामने बड़े सवाल

यह मामला अब सिर्फ एक सड़क निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। प्रमुख सवाल यह हैं:

  • क्या बिना कार्य पूर्ण हुए भुगतान किया गया?
  • इस पूरे प्रकरण में किन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका है?
  • धमकी वाली कॉल की सच्चाई क्या है?

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से निम्न मांगें की हैं:

  • पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच
  • दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई

निष्कर्ष

भिड़ावली पंचायत का यह मामला स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गया है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला माना जाएगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है।

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