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Tuesday, August 4, 2026
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Germany Gurdwara Clash | गुरुद्वारे के भीतर खूनी संघर्ष! कृपाण, बंदूक और पेपर स्प्रे से हमला, 11 लोग हुए लहूलुहान | VIDEO

जर्मनी के डुइसबर्ग (Duisburg) शहर से एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक गुरुद्वारे के भीतर सिख श्रद्धालुओं के दो गुट आपस में भिड़ गए। यह हिंसक झड़प इतनी भीषण थी कि इसमें पारंपरिक कृपाणों और चाकुओं के साथ-साथ बंदूक और पेपर स्प्रे का भी इस्तेमाल किया गया। इस खूनी संघर्ष में कम से कम 11 लोग घायल हुए हैं। इस घटना के वीडियो क्लिप ऑनलाइन सामने आए हैं, जिनमें दो समूहों के सदस्य एक-दूसरे पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं; बताया जा रहा है कि यह सब पूजा स्थल के अंदर हुआ। फुटेज में परेशान करने वाले दृश्य हैं, जिनमें लोग झड़प के दौरान चाकू और कृपाण जैसे धारदार हथियारों का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
 

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असल में क्या हुआ?

‘बिल्ड’ (Bild) अखबार के अनुसार, इस कहासुनी में लगभग 40 लोग शामिल थे, जिसके बाद पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की और विशेष सामरिक इकाइयों (special tactical units) को भी तैनात किया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धारदार हथियारों के अलावा, धार्मिक परिसर के अंदर पेपर स्प्रे और यहाँ तक कि एक बंदूक का भी इस्तेमाल किया गया।

पुलिस की जाँच में झड़प का संबंध चुनावों की आपसी रंजिश से जुड़ा

हिंसा का असली कारण अभी भी जाँच के दायरे में है। हालाँकि, पुलिस की शुरुआती जाँच से पता चलता है कि यह विवाद नए बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के चुनाव से जुड़ा हो सकता है। यह भी माना जा रहा है कि इस विवाद में गुरुद्वारे के फंड को लेकर भी असहमति शामिल है, जिस पर कई समूह अपना-अपना कब्ज़ा जमाना चाहते हैं।
 

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सोमवार को इस घटना को अपनी आँखों से देखने वाले श्रद्धालुओं में से एक 56 वर्षीय व्यक्ति ने ‘बिल्ड’ को बताया, “यह ज़रूर पहले से सोचा-समझा (planned) हमला रहा होगा। सेवा शुरू होने से कुछ ही देर पहले, हमलावरों ने अचानक अपने विरोधियों पर पेपर स्प्रे का इस्तेमाल कर दिया। फिर उनमें से एक ने पिस्तौल से गोली चला दी। मैंने चाकू भी देखे।”
प्रत्यक्षदर्शी ने आगे बताया कि बोर्ड के पूर्व और मौजूदा सदस्यों के बीच तनाव काफी समय से बढ़ रहा था, जिसका मुख्य कारण मंदिर के भीतर फंड और अधिकार पर कब्ज़े की होड़ थी। “जब हमला शुरू हुआ, तो कई लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे; हालात इससे भी कहीं ज़्यादा बुरे हो सकते थे। शुक्र है कि किसी की जान को कोई खतरा नहीं है।”
रिपोर्ट के अनुसार, इस झड़प में 11 लोग घायल हुए, जिनका मौके पर ही पैरामेडिक्स और एक आपातकालीन चिकित्सक द्वारा इलाज किया गया। पुलिस ने कम से कम एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया है और उसे गश्ती गाड़ी (patrol car) में बिठाया है; वहीं, जाँचकर्ता अब घटनाक्रम को समझने और इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों की पहचान करने में जुटे हुए हैं। इस घटना में इस्तेमाल की गई बंदूक अभी तक बरामद नहीं हुई है, लेकिन मौके पर मिले कारतूस के खोखों (shell casings) से यह संकेत मिलता है कि शायद यह एक ‘ब्लैंक फायरिंग पिस्तौल’ (बिना गोली वाली पिस्तौल) रही होगी।
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