गाजियाबाद : दिल्ली से सटे गाजियाबाद के शालीमार गार्डन इलाके में संपत्ति के नाम पर एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। लोगों के घर के सपने से खेलते हुए, दो भाइयों ने बैंक में गिरवी रखे एक ही फ्लैट को एक या दो नहीं, बल्कि कई अलग-अलग लोगों को बेचकर लाखों रुपये ठग लिए। इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर गाजियाबाद के शालीमार गार्डन थाने में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता निसार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि आरोपी संजय शर्मा और सुनील शर्मा से उन्होंने एक फ्लैट (फ्लैट नंबर 31/7, अपर ग्राउंड फ्लोर, शालीमार गार्डन) खरीदने का सौदा किया था। इस फ्लैट की कुल कीमत 15,00,000 रुपये तय हुई थी। निसार ने आरोपियों पर भरोसा करते हुए 10,00,000 रुपये की भारी भरकम रकम एग्रीमेंट के समय अदा कर दी थी।
वर्ष 2019 में बने इस एग्रीमेंट के बाद जब निसार ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय, गाजियाबाद में रजिस्ट्री कराने के लिए कहा, तो दोनों आरोपी भाई बहाने बनाते रहे और टालमटोल करने लगे। बाद में आरोपियों ने निसार का फोन उठाना भी बंद कर दिया।
एक फ्लैट, कई खरीदार: ऐसे खुला राज
जब पीड़ित निसार ने अपने स्तर पर इस फ्लैट और आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई, तो उनके होश उड़ गए। पता चला कि संजय और सुनील शर्मा ने उनके साथ-साथ अन्य लोगों को भी उसी फ्लैट का शिकार बनाया है। निसार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि आरोपियों ने यह फ्लैट उनके अलावा मो. इकबाल को ₹10,50,000 रुपये में बेचा और 50,000 रुपये एडवांस भी ले लिए उसके साथ ही चाँद को वही फ्लैट ₹20,00,000 रुपये में बेच दिया और उससे भी लिखित एग्रीमेंट कर पैसे ऐंठ लिए।
निसार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया
फर्जीवाड़े की हद यहीं खत्म नहीं हुई। पुलिस को दी गई शिकायत में निसार ने बताया कि आरोपियों ने तथ्यों को छुपाकर फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। जिस फ्लैट को ये आरोपी धड़ल्ले से बेच रहे थे, उस पर पहले से ही बैंक का लोन चल रहा है और वह संपत्ति बैंक में बंधक (Mortgage) रखी हुई है। मुख्तारनामे (Power of Attorney) में इस तथ्य को जानबूझकर छिपाया गया था।
पुलिस ने शुरू की जाँच
मामले की गंभीरता को देखते हुए शालीमार गार्डन थाना पुलिस ने 8 अगस्त 2026 को आरोपी संजय शर्मा और सुनील शर्मा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन दोनों भाइयों ने इस तरह का फर्जीवाड़ा कर और कितने लोगों की गाढ़ी कमाई लूटी है।


