गाज़ियाबाद (उत्तर प्रदेश), 11 अगस्त 2025 — साहिबाबाद की नवीन फल एवं सब्जी मंडी में उस समय अफरातफरी मच गई जब व्यापारियों और अधिकारियों की उपस्थिति में एक बैठक के दौरान अचानक हथियारबंद हमलावरों ने गोलियों की बौछार कर दी। घटना में एक व्यक्ति गोली लगने से घायल हो गया है और मंडी में तनाव का माहौल व्याप्त है।
घटना का पूरा विवरण
घटना सोमवार दोपहर 11:45 बजे के आसपास हुई जब मंडी के सचिव सुनील कुमार शर्मा की अध्यक्षता में मंडी के रिज़र्व प्लेटफ़ॉर्म से अतिक्रमण हटाने को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में दर्जनों व्यापारी, किसान और अधिकारी मौजूद थे।
इसी दौरान, एक काली स्कॉर्पियो से तीन युवक मंडी में दाखिल हुए और अचानक तीन राउंड फायरिंग कर दी। गोली लगने से मंडी में कार्यरत पल्लेदार सचिन घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर असलहों से लैस थे और गोलीबारी के बाद मौके से भाग निकले।
मंडी में फैली दहशत और अफरातफरी
गोलीबारी होते ही मंडी में चीख-पुकार मच गई। व्यापारी, किसान और आम लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ने लगे। मंडी के एक व्यापारी के अनुसार, “हम तो अपनी रोजमर्रा की बैठक में शामिल थे, अचानक गोलियां चलने लगीं। अब डर के माहौल में काम कैसे करें?”
वीडियो वायरल — असलहा लेकर दौड़ता दिखा हमलावर
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति सफेद कुर्ता-पायजामा पहने हुए हाथ में हथियार लिए मंडी में दौड़ता दिख रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
प्रशासन की कार्रवाई और जांच की दिशा
घटना की सूचना पर डीसीपी ट्रांस-हिंदन निमिष पाटील और एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया:
“हमलावर मंडी से बाहरी थे। सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर जांच तेजी से चल रही है। अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।”
पुलिस ने मंडी के चारों ओर नाकाबंदी की है और संदिग्ध गाड़ियों की जांच की जा रही है।
घायल की स्थिति और मेडिकल अपडेट
घायल सचिन को तुरंत एमएमजी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, गोली उसके पैर में लगी है और वह खतरे से बाहर है। उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
फायरिंग के पीछे का संभावित कारण
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हमला पुरानी रंजिश, मंडी के कब्ज़े को लेकर विवाद, या आपसी गैंग टकराव का नतीजा हो सकता है। पुलिस सभी कोणों से जांच कर रही है, जिसमें व्यक्तिगत दुश्मनी, मंडी ठेकेदारी विवाद, और राजनीतिक हस्तक्षेप जैसे बिंदु शामिल हैं।
व्यापारियों और किसानों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद मंडी के व्यापारियों और किसानों में भारी नाराज़गी देखी गई। व्यापारियों ने प्रशासन से मंडी परिसर में स्थायी सुरक्षा बल तैनात करने और गुंडा तत्वों की एंट्री रोकने की मांग की है।
मंडी संघ के अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो व्यापारी सामूहिक हड़ताल पर जा सकते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब साहिबाबाद मंडी में असामाजिक तत्वों का कब्ज़ा या हिंसक घटना सामने आई हो। बीते कुछ महीनों में अतिक्रमण, जबरन वसूली और विवाद की खबरें सामने आती रही हैं। प्रशासन पर पहले से ही दबाव है कि वह मंडी को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए।
साहिबाबाद मंडी में हुई गोलीबारी की यह घटना केवल एक व्यक्ति के घायल होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि कैसे खुलेआम हथियारबंद गुंडे सार्वजनिक स्थानों पर कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। यह समय है जब प्रशासन को कड़े कदम उठाने होंगे, ताकि मंडी जैसे वाणिज्यिक केंद्रों में लोग बिना डर के काम कर सकें।


