भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से चल रही चर्चाओं पर अब आधिकारिक मुहर लग गई है। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ ने पुष्टि की है कि भारतीय फुटबॉल टीम 3 अक्टूबर को पांच बार की विश्व विजेता ब्राजील के खिलाफ फ्रेंडली मुकाबला खेलेगी। यह मुकाबला कोलकाता के प्रतिष्ठित साल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित होगा और इसे भारतीय फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में से एक माना जा रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, फीफा विश्व रैंकिंग प्रणाली लागू होने के बाद वर्ष 1992 से अब तक भारत पहली बार इतनी ऊंची रैंकिंग वाली टीम का सामना करेगा। फिलहाल ब्राजील विश्व रैंकिंग में पांचवें स्थान पर है। ऐसे में यह मुकाबला भारतीय खिलाड़ियों के लिए अपनी क्षमता परखने का एक सुनहरा अवसर माना जा रहा है।
बता दें कि ब्राजील दुनिया की सबसे सफल पुरुष फुटबॉल टीम है। उसने अब तक पांच बार विश्व कप का खिताब जीता है। दशकों से ब्राजील की आकर्षक खेल शैली और महान खिलाड़ियों ने दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों को प्रभावित किया है। भारत में भी ब्राजील के समर्थकों की संख्या काफी बड़ी मानी जाती है और हर विश्व कप के दौरान इसकी झलक देखने को मिलती है।
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के उप महासचिव एम. सत्यनारायण ने कहा कि ब्राजील जैसी महान टीम का भारत आना भारतीय फुटबॉल के इतिहास में एक यादगार अवसर होगा। उनके अनुसार, यह केवल एक मुकाबला नहीं बल्कि देश में फुटबॉल के विकास और लोकप्रियता के लिए भी महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं भारत के पूर्व गोलकीपर और वर्तमान में राष्ट्रीय टीमों के निदेशक सुभ्रत पाल ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह मुकाबला बेहद खास रहेगा। उनका मानना है कि दुनिया की सबसे सफल टीमों में से एक के खिलाफ खेलने का अनुभव खिलाड़ियों को नई सीख देगा, उनका आत्मविश्वास बढ़ाएगा और भविष्य के लिए प्रेरित करेगा।
गौरतलब है कि इस मुकाबले को लेकर बातचीत हाल ही में संपन्न विश्व कप के दौरान शुरू हुई थी। भारतीय दर्शकों के बीच ब्राजील की लोकप्रियता को देखते हुए दोनों पक्षों के बीच इस मैच को लेकर सहमति बनी। ब्राजील अक्टूबर से पहले सितंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो फ्रेंडली मुकाबले भी खेलेगा।
जानकारों का मानना है कि भारत और ब्राजील के बीच होने वाला यह फ्रेंडली मुकाबला केवल एक खेल आयोजन नहीं होगा, बल्कि भारतीय फुटबॉल को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। युवा खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय टीम के खिलाफ खेलने का अनुभव मिलेगा और देश में फुटबॉल के प्रति लोगों का उत्साह भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की उम्मीद की जा रही हैं।


