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Thursday, August 6, 2026
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MEA Briefing: ऊर्जा संरचनाओं पर ईरानी हमलों से भड़का भारत, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा- यह अस्वीकार्य है

भारतीय विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक ब्रीफिंग में वैश्विक घटनाक्रम, ऊर्जा सुरक्षा, विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए भारत की नीतियों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया।

सबसे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा पकड़े गए छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक के मामले पर प्रवक्ता ने कहा कि यह एक कानूनी विषय है और इसकी जांच जारी है। उन्होंने बताया कि भारत में कुछ क्षेत्र प्रतिबंधित और संरक्षित होते हैं जहां यात्रा के लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है। संबंधित व्यक्तियों के पास यह अनुमति थी या नहीं, यह अब न्यायालय में स्पष्ट होगा। साथ ही, भारत ने संबंधित देशों के साथ दूतावास स्तर पर संपर्क बनाए रखा है।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भारत और अमेरिका के बीच सहयोग पर भी प्रकाश डाला गया। प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों के बीच एक कार्य समूह बना हुआ है जो इस साझा चुनौती से निपटने के लिए संस्थागत संवाद का माध्यम है। पाकिस्तान के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उसकी गतिविधियां वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय हैं और वह कई देशों के लिए खतरा बना हुआ है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियों पर असर के बीच भारतीय नाविकों की स्थिति पर भी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि भारत के पास दुनिया के सबसे बड़े नाविक समुदायों में से एक है और वर्तमान में 22 जहाजों पर 611 भारतीय नाविक कार्यरत हैं। कई नाविक सुरक्षित लौट आए हैं, जिनमें घायल 15 नाविक भी शामिल हैं। सरकार लगातार कंपनियों के संपर्क में है ताकि सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

ऊर्जा आपूर्ति पर संकट के बारे में प्रवक्ता ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हाल के हमलों और जलडमरूमध्य के बंद होने से गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत विभिन्न देशों और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर रहा है ताकि ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जा सके और आपूर्ति बाधित न हो। साथ ही घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है।

ईरान में फंसे भारतीय छात्रों के मुद्दे पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में छात्र, जिनमें कश्मीर की छात्राएं भी शामिल हैं, वहां चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। सरकार उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटी है और सलाह दी गई है कि सीमा पार करने से पहले दूतावास से संपर्क करें। आने वाले दिनों में सभी छात्रों के सुरक्षित लौटने की उम्मीद जताई गई है।

मध्य पूर्व में ऊर्जा संरचनाओं पर ईरानी हमलों की निंदा करते हुए भारत ने स्पष्ट किया कि नागरिक और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। ऐसे हमले वैश्विक ऊर्जा संतुलन को और अस्थिर करते हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।

ब्रिक्स के संदर्भ में प्रवक्ता ने कहा कि इसकी सदस्यता और अन्य समूहों की सदस्यता अलग अलग श्रेणियां हैं, इसलिए सर्वसम्मति बनाने में कुछ कठिनाइयां आती हैं।

भारत की ऊर्जा नीति पर उन्होंने कहा कि देश विभिन्न स्रोतों से तेल और गैस खरीद रहा है, जिसमें रूस भी शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है और भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए विविध विकल्प अपनाता रहेगा।

ईरान में भारतीय नागरिकों की संख्या पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि लगभग 9011 भारतीयों का अनुमान था, जिनमें से कई पहले ही लौट चुके हैं। हाल में 882 नागरिकों के लौटने की प्रक्रिया जारी है और अधिकांश तीर्थयात्री भी वापस आ चुके हैं।

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों पर आई एक रिपोर्ट को उन्होंने गलत बताया और कहा कि दोनों देश सभी मुद्दों पर निकट संपर्क में हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और अमेरिकी राजदूत के बीच बातचीत को सामान्य कूटनीतिक संवाद बताया गया। वहीं विदेश मंत्री ने पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र के कई देशों के नेताओं से बातचीत कर स्थिति पर विचार विमर्श किया है। प्रधानमंत्री ने भी ओमान, फ्रांस और मलेशिया के नेताओं से चर्चा की है और शांति तथा संवाद पर जोर दिया है।

पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों की भारत ने कड़ी निंदा की और इसे नागरिकों के खिलाफ अमानवीय कार्रवाई बताया। साथ ही पड़ोसी देशों को ऊर्जा आपूर्ति पर प्रवक्ता ने कहा कि भारत अपनी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव जैसे देशों की सहायता करता रहेगा। अंत में चाबहार बंदरगाह पर मिली अस्थायी छूट और पश्चिम एशिया संकट पर भारत की स्थिति को दोहराते हुए प्रवक्ता ने कहा कि भारत लगातार तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान की वकालत करता रहेगा।

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