स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने शनिवार को बताया कि मैड्रिड के पश्चिमी इलाके में लगी भीषण आग पर काबू पाने और लोगों की जान बचाने के लिए दमकलकर्मी लगातार कोशिश कर रहे हैं। तेज हवाएं चलने की आशंका ने इस राहत और बचाव काम को और भी ज्यादा कठिन बना दिया है।
70 हजार लोगों को छोड़ना पड़ा अपना घर
सरकारी जानकारी के मुताबिक, सूखे इलाकों में फैली इस आग की वजह से करीब 70,000 लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा है। स्थानीय अधिकारियों ने इसे इस पूरे इलाके के इतिहास की अब तक की सबसे भयानक और विनाशकारी आग करार दिया है।
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आने वाले कुछ घंटे हो सकते हैं बेहद मुश्किल
प्रभावित इलाके सेनिसीएंटोस गांव पहुंचे पीएम सांचेज ने कहा, “हमारी सबसे पहली प्राथमिकता और मकसद लोगों की जान बचाना और रिहाइशी इलाकों की सुरक्षा करना है।” उन्होंने आगे सावधान करते हुए कहा, “आने वाले कुछ घंटे काफी मुश्किल भरे हो सकते हैं। भले ही तापमान थोड़ा कम हुआ है, लेकिन हवा की रफ्तार और उसकी दिशा को लेकर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।”
हर तरफ तबाही का मंजर
ब्रुनेट शहर की मेयर मार निकोलस ने हालात पर चिंता जताते हुए कहा, “इस इलाके में हर साल आग की घटनाएं होती हैं, लेकिन इस बार का रूप बेहद खौफनाक है। यह एक बहुत बड़ी तबाही है।”
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मैड्रिड की सड़कों तक फैला धुआं
आग का धुआं इतना भयानक है कि पूरी राजधानी के पश्चिमी हिस्से का आसमान धुएं से भर गया। सुबह-सुबह सेंट्रल मैड्रिड की सड़कों तक जलने की बदबू पहुंचने लगी, जिससे लोगों को गले में खराश की परेशानी होने लगी और उन्हें खिड़कियां बंद करनी पड़ीं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अलर्ट जारी कर लोगों को बाहर न निकलने की सलाह दी है।
शेल्टर होम में कटे दिन, लोगों में दहशत का माहौल
आसपास के गांवों से निकाले गए हजारों लोगों को स्पोर्ट्स हॉल में बनाए गए अस्थाई शेल्टर होम में ठहराया गया है। पेरू की रहने वाली 38 साल की जैकलीन विलाफ्रांका ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि जब फोन पर आग का इमरजेंसी अलर्ट बजा, तो उन्हें लगा कि उनका घर और सब कुछ जलकर राख हो जाएगा।


