अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 26 फीसदी टैरिफ लगाया है। भारतीय व्यापारियों के लिए अमेरिकी व्यापारियों के साथ व्यापार करना मुश्किल का सौदा होगा। डोनाल्ड ट्रंप के फैसले से भारत में निर्मित सामान की कीमत अमेरिका में 26 फीसदी महंगी हो जाएगी। अमेरिका के बाजार में भारतीय सामान की कंपीट करने की क्षमता कम हो सकती है।
डोनाल्ड ट्रंप ने इस घोषणा के साथ कहा कि भारत बेहद टफ है। पीएम मोदी के लिए ट्रंप ने कहा कि वो मेरे अच्छे दोस्त है। मैंने उन्हें कहा कि आप हमारे साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे। बता दें कि अमेरिका ने जो टैक्स 26 फीसदी भारत पर लगाया है, वही टैक्स भारत अमेरिका पर 52 फीसदी लगाता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ की घोषणा करने वाले इस ऐतिहासिक भाषण को “मुक्ति दिवस” के रूप में पुकारा है। यह वह भाषण था जिसमें उन्होंने अमेरिका के व्यापारिक साझेदारों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। ट्रंप की यह स्पीच वास्तव में 2 अप्रैल 2025 को व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में हुई थी। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में भारत का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिका अन्य देशों से मोटरसाइकिलों पर केवल 2.4 प्रतिशत टैरिफ चार्ज करता है, जबकि भारत अमेरिकी मोटरसाइकिलों पर 50 प्रतिशत से अधिक का टैरिफ लगाता है। इस बीच, थाईलैंड और अन्य देश बहुत अधिक दर वसूल रहे हैं, जैसे 60 प्रतिशत, भारत 70 प्रतिशत टैरिफ लेता है, वियतनाम 75 प्रतिशत टैरिफ लेता है, और अन्य देश इससे भी अधिक दर वसूलते हैं।”
डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ लगाने से पहले ही शानदार भूमिका बांधी थी। इसमें रोज गार्डन से उन्होंने भावपूर्ण भाषण दिया था। उन्होंने कहा कि ये लिब्रेशन डे है, जिसकी लंबे समय से प्रतीक्षा थी। दो अप्रैल 2025 का दिन हमेशा याद किया जाएगा क्योंकि इसी दिन अमेरिकी उद्योग का पुनर्जन्म हुआ है। ये वो दिन है जब अमेरिका की नियति को फिर से हासिल किया गया है। इस दिन हम अमेरिका को फिर से समृद्ध बना रहे है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अबतक अमेरिका ने दशकों से 2.5 फीसदी टैरिफ लगाया है। कई विदेशी निर्मित ऑटोमोबाइल पर 2.5 फीसदी टैरिफ लगा है। यूरोपीय संघ अमेरिका से 10 फीसदी से अधिक टैरिफ वसूलता है और उनके पास 20 फीसदी वैट भी है, जो काफी अधिक है। भारत निर्मित वस्तुओं पर 70 फीसदी टैरिफ लगता है।