back to top
Tuesday, August 4, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयइधर South China Sea में चीन का हमला, उधर ब्रह्मोस पर फिलीपींस...

इधर South China Sea में चीन का हमला, उधर ब्रह्मोस पर फिलीपींस का बड़ा ऐलान

इतिहास गवाह है कि जब-जब कोई शक्ति अपनी सीमाओं को भूलकर दूसरों के आंगन में लहू बहाती है तो उसका अंत भी करीब होता है। दक्षिण चीन सागर यानी साउथ चाइना सी की लहरें आज फिर से चीख रही है। एक तरफ दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंभू रखवाला यानी कि चीन जिसने कोस्ट गार्ड की वर्दी में अपने समुद्री डकैतों को खूनी खेल खेलने के लिए उतार दिया और दूसरी तरफ है फिलीपींस। एक छोटा सा देश जो अब झुकने को तैयार नहीं है। लेकिन इस पूरी जंग में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट क्या है? और वो टर्निंग पॉइंट है भारत। आज मनीला के गलियारों में भारत के नाम की गूंज है। फिलीपींस के राजदूत जोसे फ्रांसिस्को इग्नासियो ने दिल्ली से जो संदेश भेजा है उसने चीन के सैन्य मुख्यालयों में हलचल मचा दी है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा में दो निहत्त रबर बोट्स अपने साथियों के लिए खाना और दवाइयां लेकर जा रही थी। तभी चीन की आठ हाई स्पीड नावें उन्हें घेर लेती है। चीनी जवान आधुनिक बंदूकों की बजाय लकड़ी के लट्ठों, डंडों और नुकीले हथियारों जैसे कि कुल्हाड़ी से हमला करते हैं। यह हमला मारने के लिए नहीं बल्कि फिलीपींस के नेवी को मानसिक रूप से तोड़ने और अपमानित करने के लिए था। 

इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश की विशाल युवा आबादी राज्य की सबसे बड़ी ताकत है, कोई चुनौती नहीं: योगी आदित्यनाथ

फिलीपींस के एक जवान सैनिक का अंगूठा तक कट गया। कई के सिर फट गए और चीनी सैनिकों ने उनके संचार, उपकरण जैसे कि रेडियो और फोन छीन लिए ताकि वे दुनिया को मदद के लिए ना भुला सके। उन्होंने फिलीपींस की नाव को जानबूझकर पंचर भी कर दिया। यह एक पेशेवर कोस्ट गार्ड का काम नहीं है बल्कि मध्य युगीन लुटेरों जैसा व्यवहार है। चीन यह दिखाना चाहता है कि इस समुद्र में कोई कानून नहीं है। सिर्फ उसकी लाठी ही कानून है। जब दुनिया ने चीन पर थू-थू की तो ग्लोबल टाइम्स ने एक रिपोर्ट जारी की कि फिलीपींस ने पहले हम पर हमला किया। चीन पर हमला किया। जिस इलाके में यह हुआ वो फिलीपींस के मुख्य तट से सिर्फ 200 नॉटिकल मील दूर है। यह फिलीपींस का एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन है। वहीं चीन की मुख्य भूमि से इसकी दूरी की बात करें तो करीब ये 1300 किमी से भी ज्यादा है। अगर आपका पड़ोसी आपके घर के बरामदे में आकर आपको डंडे से पीठे और कहे कि वह आत्मरक्षा कर रहा है तो क्या कोई यकीन करेगा? बिल्कुल नहीं करेगा। चीन की नाइन डैश लाइन एक काल्पनिक रेखा है जिसे साल 2016 में अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल ने खारिज कर दिया था। लेकिन चीन अपनी विस्तारवादी भूख के कारण इसे मानने के लिए तैयार नहीं है।  

इसे भी पढ़ें: Operation Sindoor से दुनिया ने देखा भारत का दम, Rajnath Singh बोले- अब Defense Production में रचेंगे नया इतिहास

उधर हमला होता है। इधर ब्रह्मोस पर फिलीपींस ने बड़ा ऐलान कर दिया भारत से। यह कोई संयोग नहीं है। दरअसल भारत में फिलीपींस के राजदूत इग्नासियो का बयान कि ब्रह्मोस एक बहुत अच्छी शुरुआत है। यह चीन के लिए एक कड़ी चेतावनी है। फिलीपींस ने दुनिया को बता दिया कि वो अब सॉफ्ट टारगेट नहीं है। उसके पास दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस है।  बता दें भारत का रक्षा उद्योग अब आत्मनिर्भर से वैश्विक शक्ति की ओर बढ़ रहा है। फिलीपींस ने भारत को सबसे प्रमुख विकल्प चुना है क्योंकि भारत की मिसाइलें चीन की मिसाइल रक्षा प्रणाली जैसे कि S300 को चकमा देने में माहिर है। फिलीपींस अपनी तटीय सीमाओं पर ब्रह्मोस तैनात कर रहा है। 
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular