यूक्रेन ने कड़े शब्दों में एक बयान जारी कर रूस पर आरोप लगाया कि वह ब्लैक सी में आम नागरिकों के जहाज़ों और बंदरगाह के बुनियादी ढांचे पर लगातार हमले करके भारतीय नाविकों की जान जोखिम में डाल रहा है। एक्स पर एक पोस्ट में यूक्रेन ने सवाल उठाया कि क्या भारत का विदेश मंत्रालय (MEA) ब्लैक सी में भारतीय नाविकों की जान जोखिम में डालने वाले इन लगातार हमलों के बारे में स्पष्टीकरण मांगने के लिए एक बार फिर रूसी प्रतिनिधि को तलब करेगा। भारत में यूक्रेनी दूतावास के एक बयान में कीव ने कहा कि रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों के लगातार खतरे के बीच, 13 भारतीय क्रू सदस्य ‘MV AMIR 1’ जहाज़ पर चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर फंसे हुए हैं। दूतावास ने कहा यूक्रेन के काला सागर बंदरगाहों से चिंताजनक खबरें आ रही हैं क्योंकि रूस आम लोगों के जहाज़ों और बंदरगाह के बुनियादी ढांचे पर हमले तेज़ कर रहा है।” दूतावास ने यह भी कहा कि रूस की इन हरकतों के कारण इस इलाके में काम कर रहे भारतीय नाविकों की मौत हुई है और वे घायल भी हुए हैं।
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दूतावास ने कहा कि यूक्रेनी अधिकारी हर संभव मदद दे रहे हैं और प्रभावित नाविकों के मामले में यूक्रेन में भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क में हैं। यूक्रेन ने इस बात पर भी निराशा व्यक्त की कि काला सागर में सुरक्षा के मुद्दे पर यूक्रेनी विदेश मंत्री और विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच टेलीफोन पर बातचीत के उसके अनुरोध का कोई जवाब नहीं मिला। बयान में यह भी सवाल उठाया गया कि क्या भारत की मौजूदा सुरक्षा सलाहें काला सागर में भारतीय नाविकों के सामने आने वाले जोखिमों को पर्याप्त रूप से दर्शाती हैं। कीव ने भारत के जहाजरानी महानिदेशालय द्वारा 15 जुलाई को होर्मुज जलडमरूमध्य और 23 जुलाई को काला सागर के लिए जारी की गई अलग-अलग सलाहों का हवाला देते हुए तर्क दिया कि दोनों की तुलना करने पर यह गंभीर प्रश्न उठता है कि क्या काला सागर संबंधी सिफारिशें नागरिक जहाजों पर बार-बार होने वाले रूसी हमलों से उत्पन्न खतरे के स्तर के अनुरूप हैं। दूतावास ने कहा कि उसने फ़ॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ़ इंडिया के हालिया बयान पर ध्यान दिया है, जिसमें ज़्यादा जोखिम वाले समुद्री इलाकों में काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की गई है।
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बयान में कहा गया कि हम उनकी चिंताओं से सहमत हैं और उम्मीद करते हैं कि ब्लैक सी में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बारे में हमारी बार-बार दी गई चेतावनियों और भारत के समुद्री समुदाय की इन मांगों के बाद, भारत का विदेश मंत्रालय और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ शिपिंग ज़रूरी एहतियाती कदम उठाएंगे। यूक्रेन ने यह भी याद दिलाया कि ‘एमवी गोल्डन लियो’ पर हुए पिछले हमले, जिसमें चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी, के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने रूस के ‘चार्ज डी अफेयर्स’ (राजनयिक प्रतिनिधि) को तलब किया था। दूतावास ने पूछा कि चूंकि रूसी हमलों से भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लगातार खतरा बना हुआ है, क्या विदेश मंत्रालय और जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए रूसी प्रतिनिधि को एक बार फिर तलब करेगा?


