लखनऊ: Uttar Pradesh पुलिस भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न और उसके विकल्पों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र के एक हिस्से की तस्वीर वायरल होने के बाद अभ्यर्थियों और कई सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई है।
मामले को लेकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak ने कड़ा संज्ञान लेते हुए पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
क्या था मामला
वायरल हुए प्रश्नपत्र के अनुसार एक प्रश्न में एक शब्द के अर्थ से संबंधित विकल्प दिए गए थे। सोशल मीडिया पर आरोप लगाया गया कि उन विकल्पों में से एक में किसी समुदाय से जुड़ा ऐसा शब्द था जिसे कई लोगों ने अपमानजनक बताया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकारी भर्ती परीक्षा में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे किसी समाज या वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है।
सोशल मीडिया पर उठा विरोध
परीक्षा के बाद कई अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र की फोटो सोशल मीडिया पर साझा की। इसके बाद यह मुद्दा तेजी से चर्चा में आ गया और लोगों ने प्रश्नपत्र बनाने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
कई लोगों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्न तैयार करते समय सामाजिक संवेदनशीलता का ध्यान रखना जरूरी है।
सरकार का कड़ा रुख
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि यदि किसी प्रश्न या उसके विकल्पों से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की तत्काल जांच कराई जा रही है और जो भी लोग जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सभी समाजों के सम्मान की बात
ब्रजेश पाठक ने कहा कि राज्य सरकार सभी समाजों के सम्मान, समानता और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर काम करती है। प्रदेश के हर नागरिक की गरिमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


