कटघोरा (कोरबा), छत्तीसगढ़। कहते हैं कि बारिश का पानी सिर्फ मौसम को सुहाना नहीं बनाता, बल्कि कभी-कभी यह भ्रष्टाचारियों के चेहरों से झूठ का नकाब भी धो डालता है। ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से सामने आया है। यहां कटघोरा नगर पालिका क्षेत्र स्थित ‘अटल परिसर’ में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का ‘असली रंग’ पहली ही मूसलाधार बारिश में उतर गया।

तांबे का दावा, हकीकत में सीमेंट
नगर पालिका परिषद द्वारा स्थापित इस प्रतिमा को लेकर शुरुआत में यह दावा किया गया था कि यह महंगी धातु (तांबे/कांस्य) से निर्मित है। इसी आधार पर इसके निर्माण और स्थापना का बजट लगभग 14 लाख रुपये बताया जा रहा था। लेकिन, हाल ही में हुई तेज बारिश ने इन तमाम दावों की पोल खोल दी। प्रतिमा पर किया गया चमचमाता धातु का पेंट बारिश के पानी में धुल गया और अंदर से सामान्य सीमेंट की मूर्ति निकल आई।

अधिकारियों ने भी मानी धांधली की बात
जैसे ही प्रतिमा का रंग उतरा, स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। भारत रत्न अटल जी जैसी महान शख्सियत की प्रतिमा के निर्माण में भी इस स्तर के भ्रष्टाचार को लेकर जनता ने जमकर विरोध जताया। मामला तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, बिलासपुर रेंज के मुख्य कार्यपालन अभियंता अली बक्स ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। जांच के बाद उन्होंने भी इस निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और धांधली की बात को स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है।

सवालों के घेरे में नगर पालिका कार्यप्रणाली
इस घटना ने कटघोरा नगर पालिका के निर्माण कार्यों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 14 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करने के बावजूद, धातु की जगह महज सीमेंट की मूर्ति पर पेंट पोत कर जनता की आंखों में धूल झोंकने की इस कोशिश ने ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों को कटघरे में ला खड़ा किया है।
अब स्थानीय लोगों की मांग है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और जनता के पैसों की बर्बादी करने वाले दोषी अधिकारियों तथा ठेकेदार के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।


