लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब कई मामलों में मृत्यु प्रमाणपत्र एक ही दिन में जारी किए जा सकेंगे। सरकार “वन डे गवर्नेंस सेंटर” मॉडल पर काम कर रही है, जिसके माध्यम से नागरिकों को समयबद्ध सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार का उद्देश्य लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर, लंबी प्रक्रिया और अनावश्यक देरी से राहत देना है। नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं पहले की तुलना में काफी तेजी से मिल सकेंगी।
किन लोगों को मिलेगा लाभ?
नई व्यवस्था का लाभ उन लोगों को मिलेगा जिनके मामले में:
- मृत्यु का पंजीकरण तय समय सीमा के भीतर कराया गया हो
- सभी जरूरी दस्तावेज पूरे हों
- अस्पताल या स्थानीय निकाय का रिकॉर्ड उपलब्ध हो
- आवेदन सही तरीके से ऑनलाइन या कार्यालय में जमा किया गया हो
1 दिन में मृत्यु प्रमाणपत्र बनने का पूरा प्रोसेस
1. मृत्यु की सूचना दर्ज करानी होगी
सबसे पहले परिवार या संबंधित व्यक्ति को मृत्यु की जानकारी नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत में देनी होगी। यदि मृत्यु अस्पताल में हुई है तो कई मामलों में अस्पताल स्वयं विभाग को सूचना भेज देता है।
2. जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे
आवेदन के साथ सामान्यतः निम्न दस्तावेज मांगे जाते हैं:
- मृतक का आधार कार्ड (यदि उपलब्ध हो)
- अस्पताल द्वारा जारी मृत्यु रिपोर्ट / डिस्चार्ज पेपर
- आवेदक का पहचान पत्र
- आवेदन फॉर्म
3. ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
नई व्यवस्था के तहत eDistrict पोर्टल और स्थानीय निकायों के डिजिटल सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। इससे प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी होगी।
4. रिकॉर्ड का डिजिटल सत्यापन
आवेदन जमा होने के बाद संबंधित विभाग दस्तावेजों और रिकॉर्ड का डिजिटल सत्यापन करेगा। रिकॉर्ड सही पाए जाने पर आवेदन को तुरंत स्वीकृति दी जाएगी।
5. उसी दिन जारी होगा प्रमाणपत्र
सत्यापन पूरा होने के बाद मृत्यु प्रमाणपत्र डिजिटल या प्रिंट फॉर्म में जारी कर दिया जाएगा। कई जगहों पर डाउनलोड की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
किन मामलों में हो सकती है देरी?
- दस्तावेज अधूरे होने पर
- देर से पंजीकरण कराने पर
- रिकॉर्ड में गलती होने पर
- तकनीकी समस्या आने पर
लोगों को क्या होगा फायदा?
- सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगेंगे
- बैंक, बीमा और संपत्ति संबंधी काम तेजी से होंगे
- प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी
- समय और खर्च दोनों की बचत होगी
गौरतलब है कि मृत्यु प्रमाणपत्र बैंक खातों, बीमा क्लेम, पेंशन, संपत्ति हस्तांतरण और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए बेहद जरूरी दस्तावेज माना जाता है। ऐसे में इसकी त्वरित उपलब्धता आम लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से पूरे उत्तर प्रदेश में लागू की जाएगी और आने वाले समय में अन्य सरकारी सेवाओं को भी “वन डे गवर्नेंस” मॉडल से जोड़ा जा सकता है।


