साक्षी चौधरी ने राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में भारत का पांचवां पदक पक्का कर लिया जब वह 51 किलोवर्ग में उत्तरी आयरलैंड की कैटलिन फ्रायर्स को हराकर सेमीफाइनल में पहुंच गई।
26 वर्ष की साक्षी ने उत्तरी आयरलैंड की कैटलिन फ्रायर्स को 5 . 0 से हराया।
लवलीना बोरगोहेन (75 किलो), प्रिया घंघास (60 किलो) , प्रीति पवार (54 किलो) और जादूमणि सिंह (पुरूष 55 किलो) के बाद वह इन खेलों में पदक पक्का करने वाली पांचवीं भारतीय मुक्केबाज बन गई।
अपने कद का पूरा इस्तेमाल करते हुए साक्षी ने फ्रायर्स को जवाबी हमलों का मौका ही नहीं दिया। उन्होंने जीत के बाद कहा ,‘‘मैं लंबी रेंज से मुक्के लगा रही थी जो मेरी ताकत है।’’
आयरिश मुक्केबाज ने लगातार आक्रामक तेवर अपनाकर और धड़ाधड़ पंच मारकर साक्षी को परेशान करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने संयम बनाए रखा।
उन्होंने ज्यादातर हमलों से बचते हुए बेहतर और असरदार संयोजन के साथ जवाबी हमला किया।
फ्रायर्स के लगातार दबाव के बावजूद साक्षी ने शानदार फुटवर्क और रिंग स्किल का इस्तेमाल करते हुए दूरी को बखूबी नियंत्रित किया, शुरू से आखिर तक मुकाबले की रफ्तार अपने हिसाब से तय की और आसानी से जीत हासिल की।


