मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- यूपी बार काउंसिल (UP Bar Council) की सख्त शिकायत के बाद पुलिस का बड़ा एक्शन।
- फर्जी LLB डिग्री के जरिए हासिल किया था ‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस’ (COP)।
- पिछले महज तीन दिनों में 39 कथित वकीलों पर अलग-अलग मामले दर्ज।
- बाकी आरोपियों की तलाश और एफआईआर की प्रक्रिया जारी।
प्रयागराज: न्याय के मंदिर में फर्जीवाड़ा कर काले कोट की आड़ में वकालत करने वाले तथाकथित ‘मुन्नाभाइयों’ पर अब कानून का डंडा चलने लगा है। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की एक अहम शिकायत के बाद, प्रयागराज पुलिस ने फर्जी एलएलबी (LLB) मार्कशीट के आधार पर वकालत का लाइसेंस हासिल करने वाले 105 वकीलों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
लगातार दर्ज हो रही हैं FIR
बार काउंसिल की गहन जांच में फर्जीवाड़े का यह बड़ा खुलासा होने के बाद पुलिस महकमा पूरी तरह से हरकत में आ गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन 105 आरोपियों में से पिछले सिर्फ तीन दिनों के भीतर 39 लोगों के खिलाफ विभिन्न थानों में अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी है। बाकी बचे आरोपियों के खिलाफ भी पुलिस तेजी से सबूत जुटा रही है और जल्द ही उन पर भी मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।
क्या है पूरा मामला?
जांच में सामने आया है कि इन सभी 105 लोगों ने फर्जी एलएलबी (LLB) की डिग्री और जाली मार्कशीट का सहारा लेकर उत्तर प्रदेश बार काउंसिल में अपना नामांकन (Enrollment) करवाया था। सिर्फ इतना ही नहीं, इस सुनियोजित फर्जीवाड़े के आधार पर इन्होंने बकायदा ‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस’ (Certificate of Practice – COP) भी हासिल कर लिया था, जिससे वे अदालतों में आधिकारिक रूप से वकालत कर सकें।
कैसे खुला राज?
यूपी बार काउंसिल द्वारा पिछले कुछ समय से वकीलों के दस्तावेजों और डिग्रियों के सत्यापन (Verification) का एक सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी सत्यापन प्रक्रिया के दौरान जब इन वकीलों के दस्तावेजों को संबंधित विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में जांच के लिए भेजा गया, तो रिकॉर्ड में इनकी डिग्रियां और मार्कशीट पूरी तरह से फर्जी पाई गईं। इसके बाद काउंसिल ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब इन सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने की तैयारी कर रही है। इस मामले में पुलिस कई एंगल्स से जांच कर रही है:
- मास्टरमाइंड की तलाश: पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस बड़े फर्जीवाड़े के पीछे कोई संगठित रैकेट या गिरोह काम कर रहा है, जो जाली डिग्रियां तैयार करके बेचता है।
- लाइसेंस रद्दीकरण: बार काउंसिल द्वारा इन सभी 105 वकीलों का नामांकन रद्द कर उनके प्रैक्टिस करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की कानूनी प्रक्रिया भी अमल में लाई जा रही है।
- अन्य वकीलों की जांच: इस घटना के बाद से बार काउंसिल सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक सख्त करने जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों पर लगाम लगाई जा सके।
इस बड़ी कार्रवाई से फर्जी तरीके से वकालत के पेशे में घुसे लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


