गाजियाबाद नगर निगम में तैनात अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वार्ड 84 के पार्षद प्रवीण चौधरी के बीच विवाद अब गंभीर रूप लेता नजर आ रहा है। अपर नगर आयुक्त ने पार्षद पर धमकी देने, अभद्र व्यवहार करने और दबाव बनाने के आरोप लगाते हुए न केवल लिखित शिकायत दी है, बल्कि मामले में FIR भी दर्ज कराई है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, यह विवाद सामुदायिक केंद्र की बुकिंग से जुड़े एक मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के दौरान सामने आया। प्रारंभिक जांच में कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता मिलने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
इसी बीच एक कर्मचारी की अचानक मौत की खबर फैलने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। आक्रोशित लोगों की भीड़ नगर निगम कार्यालय पहुंच गई और कर्मचारियों को अंदर जाने से रोकने लगी।
मौके पर बढ़ा तनाव
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जंग बहादुर यादव को मौके पर भेजा गया। उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की कि कानून व्यवस्था बनाए रखें और कर्मचारियों को काम करने दें।
इसी दौरान पार्षद प्रवीण चौधरी अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान पार्षद ने अपर नगर आयुक्त के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, झूठे आरोप लगाए और खुलेआम धमकी दी।
FIR दर्ज, सुरक्षा की मांग
अपर नगर आयुक्त ने आरोप लगाया है कि उन्हें जान-माल के नुकसान की धमकी दी गई। घटना के बाद उन्होंने खुद को असुरक्षित बताते हुए नगर आयुक्त को लिखित शिकायत दी और अब इस मामले में FIR भी दर्ज करा दी है।
यादव का कहना है कि 18 मार्च को शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।


